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सरकारी स्कूलों में ये खाने को मजबूर किए जा रहे बच्चे, कोई नहीं सवाल उठाने वाला

Tue, 04 Oct 2016 05:39 PM IST
सिद्धार्थ शाह/अमर उजाला, फरीदाबाद
सिद्धार्थ शाह/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 04 Oct 2016 05:39 PM IST
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worst condition of midday meals in faridabad schools
mid day meal - फोटो : अमर उजाला
सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शुरू की गई मिड डे मील योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। नौनिहालों को अब स्कूल में मिलने वाला खाना पसंद नहीं आ रहा है। हालांकि, हर रोज दोपहर में मिड डे मील लेकर स्कूलों में वाहन पहुंचते तो हैं लेकिन इसमें से भारी मात्रा में खाना कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है। इसकी वजह इस योजना के नाम पर हो रही खानापूर्ति को भी माना जाता सकता है। मसलन, सप्ताह के छह में से चार दिन बच्चों को चावल परोसे जा रहे हैं। इसे महंगाई की मार कहें या फिर कोई और वजह, मिड डे मील की थालियों से सब्जियां और चपाती गायब हो गई हैं। ऐसे में भोजन की पौष्टिकता पर सवाल उठने लगे हैं।
worst condition of midday meals in faridabad schools
mid day meal - फोटो : अमर उजाला

प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील  में मिलने वाला भोजन रास नहीं आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को अजरौंदा स्थित प्राथमिक पाठशाला में देखने को मिला। दिन में करीब 12 बजे मिड डे मील  का वाहन स्कूल पहुंचा। बच्चों को लाइन में लगाकर प्लेटों में चने के साथ चावल परोसे गए, लेकिन अधिकांश ने चखना भी मुनासिब नहीं समझा। खाना देखकर बच्चे मुंह सिकोड़ते नजर आए।

worst condition of midday meals in faridabad schools
mid day meal - फोटो : अमर उजाला
स्कूल के परिसर में पड़ी जूठी प्लेटों में मिड डे मिल जस का तस रखा नजर आया। जबकि कई बच्चों ने प्लेट में खाना लेने के बाद एक ड्रम में डाल दिया। यह नजारा केवल एक स्कूल का था, जिले के लगभग सभी प्राथमिक स्कूलों में यही खाना परोसा गया। सप्ताहभर घुमा फिराकर किसी न किसी रूप में चावल परोसा जा रहा है। ऐसे में स्कूलों में ज्यादातर बच्चे अब घर से ही खाना लेकर आने लगे हैं।
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mid day meal - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को चना-चावल, मंगलवार को मीठा दलिया, बुधवार को खिचड़ी, बृहस्पतिवार को दाल-रोटी, शुक्रवार को पुलाव एवं शनिवार को कढ़ी चावल का वितरण किया जाता है। इसमें चावल की मात्रा अधिक होने के कारण बच्चे मिड डे मील से दूर भाग रहे हैं। वहीं,दलिया भी बच्चे पसंद नहीं कर रहे हैं।

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mid day meal - फोटो : अमर उजाला

यह है नियम 
कक्षा एक से पांच तक 4.13 रुपये एवं कक्षा छह से आठ में 6.18 रुपये की राशि मिड डे मील  के लिए प्रत्येक बच्चे के लिए निर्धारित है। प्राथमिक के छात्रों को 450 ग्राम कैलोरी एवं 12 ग्राम प्रोटीन तथा अपर प्राथमिक में 700 ग्राम कैलोरी एवं 20 ग्राम प्रोटीन दिया जाना निर्धारित है। वर्तमान में बच्चे जो खाना पसंद ही नहीं कर रहे। ऐसे में पौष्टिकता हो या न हो, क्या फर्क पड़ता है।

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