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Year Ender 2020: महज एक घंटे की बारिश ने बदला टांगा गांव का भूगोल, आसमानी आफत ने छीनीं 11 जिंदगियां

Tue, 29 Dec 2020 06:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 29 Dec 2020 06:41 PM IST
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Year Ender 2020: 11 People Died During Flood Disaster in Pithoragarh Destroyed whole tanga Village
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड का टांगा गांव शायद ही कभी अब फिर से आबाद हो सके। साल 2020 में आई महज एक घंटे की बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि पूरे गांव का भूगोल ही बदल दिया। ग्रामीणों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इस गांव में आसमानी आफत इस कदर टूटेगी कि 11 लोगों की जान ही ले लेगी।

Year Ender 2020: 11 People Died During Flood Disaster in Pithoragarh Destroyed whole tanga Village
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

19 जुलाई की देर रात पिथौरागढ़ जिले के टांगा गांव में बारिश शुरू हुई तो ग्रामीण सहम गए। गांव के ठीक नीचे बहने वाली मोतीगाड़ नदी का पानी पिछले कई दशकों से जमीन को काट-काटकर निगल रहा था, लेकिन आसमान से बरसे पानी ने गांव का नक्शा ही बदल दिया। 

Year Ender 2020: 11 People Died During Flood Disaster in Pithoragarh Destroyed whole tanga Village
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

इस गांव का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था, जिसे आसमानी आफत ने जख्मी न किया हो। आसमान से बरसी आफत ने इस गांव की जमीन को 200 से अधिक स्थानों पर चीर दिया था। जहां- जहां धरती फटी, वहां से 72 घंटे बाद भी झरने बह रहे थे।  

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Year Ender 2020: 11 People Died During Flood Disaster in Pithoragarh Destroyed whole tanga Village
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

बता दें कि बंगापानी तहसील के टांगा गांव में चार अलग-अलग तोक हैं। मुख्य गांव टांगा में लगभग 20 परिवार रहते थे। मोतीगाड़ नदी के पानी से भूकटाव के कारण कई मकानों को खतरा था। लेकिन 19 जुलाई को गांव के वह मकान जमींदोज हो गए जो सबसे सुरक्षित समझे जाते थे। 

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Year Ender 2020: 11 People Died During Flood Disaster in Pithoragarh Destroyed whole tanga Village
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

गांव के ही माधो सिंह का पूरा परिवार खत्म हो गया था। आपदा के दो दिन बाद माधो सिंह समेत परिवार के सात लोगों के शव निकाले गए थे। यह मंजर देख गांव के बचे हुए लोगों में भी कोहराम मचा हुआ था। 

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