मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी देहरादून सहित पहाड़ों में मौसम ने करवट बदली और आंधी-बारिश के कारण मौसम सुहाना हुआ। कई दिनों से गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश से राहत महसूस की। हालांकि, इस दौरान तेज अंधड़ के चलते राजधानी के कई इलाकों में वाहनों और बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी।
कई जगह पेड़ से गिरने से यातायात बाधित हुआ तो कहीं लोगों की बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवा के गठजोड़ ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 के दौरान उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है। कहीं-कहीं बिजली गिरने के साथ ही ओलावृष्टि की भी संभावना है।
पर्वतीय इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है। मौसम विभाग ने बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक, बुधवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। इससे मैदान से लेकर पहाड़ तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई और गर्मी से राहत मिली है।
वनाग्नि से धधक रहे जंगलों को बचाने में भी मदद मिली है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिन राज्य के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में तेज हवा के साथ ही बारिश की संभावना है। केदारनाथ धाम में भी बुधवार को जमकर ओलावृष्टि हुई है, जबकि जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर तेज आंधी-तूफान चला, जिस कारण बिजली सप्लाई भी ठप हो गई। उधर, केदारघाटी में भी बिजली ठप होने से सोनप्रयाग, गौरीकुंड में यात्रियों को परेशानी हुई।
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केदारनाथ में बर्फबारी
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बुधवार को आसमान में सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और काले घने बादल छा गए। फिर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। हवा शांत हुई तो बारिश शुरू हो गई। इस बीच तेज आंधी के कारण सहस्रधारा रोड, सर्वे चौक, शमशेरगढ़ और राजपुर रोड समेत कई इलाकों में पेड़ टूटकर बिजली के तारों और वाहनों पर गिर गए। सर्वे चौक के पास पेड़ टूटकर कार पर गिर गया जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार में कोई मौजूद नहीं था। उधर, सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हो गया। पुलिसकर्मियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी।
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देवप्रयाग में पेड़ टूटकर गाड़ी पर गिरा
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काफी मशक्कत के बाद पेड़ों को जैसे-तैसे हटाकर यातायात बहाल कराया गया। शमशेरगढ़ में बिजली की लाइन पर आंवला का पेड़ गिरने से आसपास के इलाकों में काफी देर तक बत्ती गुल रही। इस दौरान बिजली का खंभा भी गिर गया बड़े वाहनों के लिए यातायात ठप हो गया। वहीं, बारिश और तेज हवा के गठजोड़ ने मौसम को सुहाना बना दिया। पिछले कई दिनों से गर्मी झेल रहे लोगों को ठिठुरन का अहसास हो गया। हालांकि, बारिश का दौर ज्यादा देर नहीं चला लेकिन पारा काफी नीचे चला गया। मौसम विज्ञानियों ने आज भी राजधानी में हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है।
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आंधी-तूफान से पेड़ टूटा
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तेज आंधी के चलते गणेशपुर सब-डिविजन को जोड़ने वाली मेन लाइन में फाल्ट आ गया। इससे दोपहर बाद से देर रात तक आसपास के करीब 20 हजार उपभोक्ता अंधेरे में रहे। गणेशपुर डिवीजन से जुड़े, भुड्डी, मेहूंवाला, बड़ोवाला, बनियावाला, बड़ोवाला, सेवली, गोखरपुर सहित बड़े क्षेत्र में घंटों बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली न होने से जल निगम और जल संस्थान के ट्यूबवेल भी नहीं चल पाए जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई। एसडीओ गणेशपुर डिवीजन दीपक मलिक ने बताया कि फाल्ट को ठीक किया जा रहा है।
यही नहीं, लाइन पर पेड़ गिरने और जंफर उड़ने से वसंत विहार, जीएमएस रोड, आईएसबीटी, माजरा, किशननगर, राजेंद्रनगर, चकराता रोड, पलटन बाजार, डालनवाला, करनपुर, हरिद्वार बाईपास, दिलाराम चौक, दर्शनलाल चौक, सर्वे चौक, राजपुर रोड, कौलागढ़, कारगी चौक, बंजारावाला समेत आधे से अधिक इलाकों में कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश थमने के बाद बिजली विभाग के इंजीनियरों की अगुवाई में कर्मचारियों ने जैसे-तैसे मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की।