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नदियों का रौद्र रूप: बारिश ने मचाई तबाही, रातभर रही अफरा-तफरी, देखें दहशत में लोगों का हाल बयां करती तस्वीरें
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तराखंड
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 05 Aug 2022 10:09 AM IST
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उत्तराखंड में बारिश से जनजीवन प्रभावित।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में जहां ज्यादातर इलाकों में तेज गर्जना के साथ कहीं-कहीं भारी से बहुत अधिक बारिश की संभावना है।
शुक्रवार को बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ नाले के पास अवरुद्ध हो गया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारू है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास सुबह 6:20 बजे तक खुला था इसके बाद से लगातार पत्थर गिरने से हाईवे खोलने का काम कुछ देर बंद रहा। कुछ देर बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास यातायात हेतु सुचारू किया गया।
यात्रियों ने अपने वाहनों में गुजारी रात
कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया में बाधित ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे 15 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है। एनएच ने सड़क पर आई चट्टान को रातभर तोड़कर मशीनों से हटाया। शुक्रवार सुबह पांच बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। हाईवे गुरुवार को अपराह्न तीन बजे पहाड़ी से चट्टान दरकने से बंद हो गया था। इस दौरान यात्रियों ने सड़क खुलने के इंतजार में अपने वाहनों में ही रात गुजारी। प्रशासन और पुलिस की ओर से यात्रियों को पानी व जरूरी सामान पहुंचाया गया।
रात घर छोड़कर अन्य लोगों के घरों में ली ग्रामीणों ने शरण
चमोली नंदानगर में भारी बारिश से बुधवार रात को मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ गया जिससे धुर्मा, बांसवाड़ा और सेरा गांव के ग्रामीणों में रातभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। नदी के कटाव से धुर्मा गांव के सूरज सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि भारी बारिश और नदी का जलस्तर देखते हुए सूरज के परिवार ने पहले ही घर छोड़कर गांव में अन्य लोगों के घरों में शरण ले ली थी।
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बारिश से नदिया उफान पर
- फोटो : अमर उजाला
नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण धुर्मा गांव के मनोज सिंह, कर्ण सिंह, यशवंत सिंह, महेंद्र, दिलवर सिंह, पुष्कर सिंह और इंद्र सिंह के मकानों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। बांसवाड़ा गांव की ग्राम प्रधान विमला देवी, सुरेंद्र सिंह नेगी, मंगल सिंह और पुष्कर सिंह ने शीघ्र नदी के दोनों ओर आबादी क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग उठाई। इधर, नायब तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक को मौका मुआयना करने के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद आपदा प्रभावितों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
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कर्णप्रयाग में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे के पास गिरी चट्टान।
- फोटो : अमर उजाला
देवाल के वांक गांव के राजेंद्रराम पुत्र नैनराम के मकान में मलबा घुसने से मकान के पीछे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। राजेंद्रराम ने बताया कि उनका परिवार रात में सोया हुआ था तभी अचानक तेज आवाज व मकान के अंदर मलबा-पानी आने पर उन्होंने बच्चों और पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला। कहा कि कमरे में रखा सारा सामान मलबे से खराब हो गया। ऐसे में उनका परिवार पास में ही दूसरे के मकान में चला गया। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पटवारी प्रमोद नेगी ने बताया कि रिपोर्ट उच्चधिकारियों को भेज दी गई है।
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नंदप्रयाग में मोक्ष नदी के जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हुआ आवासीय मकान।
- फोटो : अमर उजाला
नंदानगर बाजार से गुजर रही नंदाकिनी में बाढ़ जैसी स्थिति आने से नदी के दोनों ओर से तटबंध टूटने से मकानों को खतरा बना हुआ है। व्यवसायियों का कहना है कि गत वर्ष भी भारी बारिश के बाद नदी में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। दुकानों में मलबा घुस गया था लेकिन कई परिवारों को आज तक मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने सड़कों के किनारे नाली निर्माण और नदी के किनारे सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की। संवाद
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मार्ग पर गिरे बोल्डर।
- फोटो : अमर उजाला
कोटद्वार में तेज बारिश के कारण बुधवार रात को खोह नदी के उफान पर आने से सनेह क्षेत्र के रतनपुर में बनाई गई बाढ़ सुरक्षा दीवार ढहकर बह गई। नदी के किनारे लगातार हो रहे कटान से निकटवर्ती आवासीय भवनों के लिए खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की।
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