भारत-चीन सीमा सड़क को खोलने के लिए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) इन दिनों दिन रात जुटा हुआ है। सड़क पर आए भारी भरकम ग्लेशियरों को हटाने के लिए जेसीबी और मजदूर जुटे हुए हैं। सर्दियों में चीन सीमा को जोड़ने वाली माणापास सड़क बर्फबारी के कारण बंद हो जाती है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
इन दिनों बीआरओ की टीम सड़क पर जमी बर्फ को हटाने का काम कर रही है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर कई जगह 40 फुट तक के ग्लेशियर टूटकर आए हुए हैं। सोमवार को होली खेलने के बाद बीआरओ के मजदूर फिर बर्फ हटाने में जुट गए।
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भारत-चीन सीमा पर बर्फ
- फोटो : अमर उजाला
कई जगह पर आए ग्लेशियरों को हटाया जा चुका है, जबकि बलवान नाले के पास अभी भी 40 फुट लंबा ग्लेशियर जमा है, जिसे काटकर मार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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भारत-चीन सीमा पर बर्फ
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले बीआरओ की टीम मलारी हाईवे को नीती गांव तक खोल चुकी है। बता दें कि रविवार को चमोली जिले में अचानक मौसम ने करवट बदली और दोपहर बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई थी।
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माणा पास से बर्फ हटाते बीआरओ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
बारिश-बर्फबारी से मौसम में फिर से ठंडक आ गई है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, घांघरिया, रुद्रनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। जिसके बाद अब भी इलाके में ठंड का एहसास बना हुआ है। वहीं, नई बर्फ जमने से और परेशानी हो खड़ी हो गई है।
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भारत-चीन सीमा पर बर्फ
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, हेमकुंड साहिब में अभी भी लगभग नौ फुट और आस्था पथ पर छह फुट बर्फ जमी है। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को आस्था पथ पर करीब दो सौ मीटर तक ग्लेशियर के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा आस्था, उमंग और साहसिक होती है। यहां अटलाकुड़ी नामक स्थान पर करीब दो सौ मीटर तक ग्लेशियर पसरा हुआ है। अभी फिर बर्फबारी के आसार हैं। सेना के जवान ग्लेशियर को काटकर रास्ता बनाएंगे।