रामनगर-सीतावनी मार्ग पर टेड़ा गांव के तिलमठ मंदिर के पास बरसाती नाले के बहाव में शुक्रवार को एक यात्री बस बहकर पलट गई। बस पलटते ही उसमें सवार यात्री जान बचाने के लिए उसके ऊपर चढ़कर गए। हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण, प्रशासन व फायर ब्रिगेड की टीम ने सभी यात्रियों को सकुशल निकाला। यात्रियों को तिलमठ मंठिर से उनके गंतव्य को भेजा गया।
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रामनगर में शुक्रवार सुबह हल्की बारिश के बाद दोपहर में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। साढ़े तीन घंटे की भारी बारिश के बाद रानीखेत रोड स्थित धनगढ़ी, पनोद गधेरा उफान पर आ गए। इस मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही थम गई। सावल्दे नाले में भी पानी आने से यातायात बाधित रहा।
इस बीच टेड़ा रोड पर डौन परेवा जा रही एक यात्री बस तिलमठ मंदिर के पास उफनाए नाले में पलट गई। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों के साथ बचाव कार्य शुरू करते हुए बस में सवार सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। बस में 27 यात्री सवार थे। तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने बताया कि सभी यात्रियों को उनके गंतव्य को भेज दिया।
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उफान पर नाला
- फोटो : अमर उजाला
राजस्व उपनिरीक्षक आरिफ हुसैन ने बताया कि 27 यात्रियो में दो बच्चे भी थे। बस पलटते ही बच्चों को लेकर उनकी मां बस के ऊपर चढ़ गई। बस में सवार सभी यात्री पलटी बस के ऊपर चढ़ गए और अपनी जान बचाई। बस तक पहुंचने के लिए प्रशासन की टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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रामनगर में उफनाए नाले में बही बस
- फोटो : अमर उजाला
चालक योगेश कुमार ने बताया कि बस के बीच नाले में पहुंचते ही तेज बहाव आ गया। ऐसे में बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस मालिक जगदीश जोशी ने बताया कि उम्मीद नहीं थी कि नाले में पानी का बहाव इतना तेज होगा।
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रामनगर में उफनाए नाले में बही बस
- फोटो : अमर उजाला
उधर, लगातार बारिश के चलते कोसी नदी में भी पानी का जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में कालूसिद्ध में काम कर रहे चार मजदूर नदी में फंस गए। सूचना पर नायाब तहसीलदार दयाल चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में फायर कर्मियों ने चारों को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल निकाल लिया।
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बर्फबारी
- फोटो : अमर उजाला
इधरभारी बारिश से पर्वतीय क्षेत्र से जुड़े सभी मार्गों पर बरसाती नाले और गधेरे उफान पर आ गए। एसडीएम गौरव चटवाल ने बताया कि प्रशासन की टीम मुस्तैद है। दूसरी ओर, कोसी बैराज पर 245 क्यूसेक पानी था जो शाम तक बढ़कर 5,179 क्यूसेक हो गया।