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Uttarakhand: माल्टा महोत्सव आज से; गीता धामी ने किया प्रोत्साहित, ‘घाम तापो-नींबू सानो’ का प्रदर्शन होगा खास
Tue, 06 Jan 2026 12:46 PM IST
रेनू सकलानी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून।
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून।
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:46 PM IST
सार
माल्टा महोत्सव को लेकर सीएम धामी की पत्नी गीता धामी ने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड में नींबू वर्गीय फलों विशेष रूप से माल्टा, नींबू और संतरे के उत्पादन और विपणन को प्रोत्साहित करना है।
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दो दिवसीय माल्टा महोत्सव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राज्य के पर्वतीय किसानों, पारंपरिक कृषि और स्थानीय फल-संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय माल्टा महोत्सव व घाम तापो–नींबू सानो कार्यक्रम आज मंगलवार से शुरू हुआ। यह कार्यक्रम सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन के सहयोग से आईटीबीपी ग्राउंड, सीमाद्वार में शाम तक तक आयोजित होगा।
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फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य उत्तराखं में नींबू वर्गीय फलों विशेष रूप से माल्टा, नींबू और संतरे के उत्पादन और विपणन को प्रोत्साहित करना है ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और उपभोक्ताओं तक राज्य के पोषण-समृद्ध पारंपरिक फल सीधे पहुंच सकें।
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उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए नींबू वर्गीय फसलों के उत्पादक किसान अपने ताजा उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों की आय में सीधा लाभ मिलेगा।
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घाम तापो–नींबू सानो’ का प्रदर्शन होगा विशेष आकर्षण
कार्यक्रम की एक विशेष आकर्षण उत्तराखंड की पौराणिक और लोक-परंपरा ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का प्रदर्शन होगा। इस परंपरा के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पारंपरिक परिधानों में नींबू सानने की पारंपरिक प्रक्रिया का प्रदर्शन करेंगी। जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि यह महोत्सव केवल एक फल उत्सव नहीं बल्कि पर्वतीय किसानों की आर्थिकी, महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता से कार्यक्रम में सहभागिता कर इसे सफल बनाने की अपील की।