उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 93 किलोमीटर दूर बंगापानी तहसील के टांगा गांव में मंगलवार को मलबे से पिता-पुत्र और बहू समेत चार लोगों के शव निकाले गए, जबकि इस परिवार के दो बच्चों समेत तीन सदस्य लापता हैं। इस आपदा से गैला और टांगा दोनों गांवों में मरने वालों की संख्या अब सात हो गई है, जबकि टांगा मुनियाल गांव के दंपती समेत सात लोग लापता हैं।
पिथौरागढ़ आपदा: मंगलवार को भी मलबे से मिले चार शव, सात हुई मृतकों की संख्या, सात अब भी लापता
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बता दें कि टांगा मुनियाल और गैला गांव में रविवार देर रात हुई अतिवृष्टि में गैला गांव में दंपती और बेटी की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। वहीं, टांगा मुनियाल गांव में 11 लोग लापता हो गए, जिनमें से दो लोगों के शव सोमवार शाम मलबे दिखे, लेकिन अंधेरा होने की वजह से इन्हें नहीं निकाला जा सका। मंगलवार को शवों को ढूंढने का काम शुरू हुआ तो उक्त दो शवों के अलावा दो और शव बरामद हुए।
रविवार रात भारी बारिश के दौरान भूस्खलन से मकानों के ध्वस्त होने से बंगापानी तहसील के टांगा गांव में माधो सिंह समेत 11 लोग मलबे में दब गए थे। वहीं, नंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सोमवार को माधो सिंह के मकान के मलबे में शवों को ढूंढने का प्रयास किया गया था। सोमवार देर शाम को दो शव मलबे में नजर आए थे। इसके बाद काम रोक दिया गया था। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने फिर से मलबे को हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान मलबे में पिता-पुत्र और बहू समेत चार लोगों के शव बरामद हुए।
इनके शव हुए बरामद
1. माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह
2. गणेश सिंह पुत्र माधो सिंह
3. हीरा देवी पत्नी गणेश सिंह
4. रोशन कुमार पुत्र जीत राम
ये अब भी हैं लापता
1. जीत राम पुत्र हुड़किया राम
2. पार्वती देवी पत्नी जीत राम
3. तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह
4. दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह
5. लक्की पुत्री गणेश सिंह
6. पुष्पा देवी पत्नी भीम सिंह
7. प्रतिमा देवी पत्नी खुशाल सिंह