कोविड गाइडलाइन में ढील मिलते ही इन दिनों नैनीताल में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। पर्यटन गतिविधियां पटरी पर आते ही पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। नैनीताल में कोरोना संक्रमण बढ़ते ही अप्रैल में कोविड कर्फ्यू घोषित कर दिया गया था।
नौकायन बंद होने के साथ नगर में प्रवेश के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई। साथ ही होटल में ठहरने के नियम भी कड़े कर दिए थे। कोरोना का प्रकोप कम होते ही सरकार ने कोविड कर्फ्यू में ढील दी है। ऐसे में सरकार के ढील देते ही पर्यटकों और कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।
कैंची धाम: कोरोना के कारण नहीं लगा मेला, हजारों श्रद्धालुओं ने सड़क से ही किए बाबा नीम करौली के दर्शन, तस्वीरें...
सोमवार से नैनीझील में नौकायन शुरू होने के साथ ही पंत पार्क में फड़ लगने से शहर की रौनक लौट गई है। पूरे दिन नैनीझील में नौकाएं लहरों के बीच हिलोरे मारती नजर आईं और पर्यटकों ने भी इसका जमकर लुत्फ उठाया।
पर्यटक पंतपार्क में लगे फड़ों और भोटिया मार्केट से खरीदारी करते नजर आए। इधर देर शाम तक माल रोड में पर्यटकों की चहलकदमी होती रही। पालिका के ईओ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि नौकाचालकों को कोविड नियमों का पालन करते हुए नौका संचालन करने के निर्देश दिए हैं।
2 of 6
नैनीताल में लौटी रौनक
- फोटो : अमर उजाला
इधर जू वन प्रभाग के आरओ अजय रावत ने बताया कि जू, बॉटनिकल गार्डन और वाटरफॉल अगली गाइडलाइन के बाद पर्यटकों के लिए खोले जा सकते हैं।कॉर्बेट पार्क पिछले डेढ़ माह से बंद रहा है।
3 of 6
नैनीताल में लौटी रौनक
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना जांच समेत अन्य नियमों के चलते रामनगर सूना पड़ा है। हालांकि, होटलों में वीकेंड के समय पर्यटक आ रहे हैं। कॉर्बेट पार्क होने के चलते सीजन के समय रामनगर में पर्यटकों का रेला रहता है। जंगल सफारी और बाघ देखने की ललक भी पर्यटकों को रामनगर ले आती है।
4 of 6
नैनीताल में लौटी रौनक
- फोटो : अमर उजाला
कॉर्बेट पार्क बंद होने से पर्यटक यहां आने से बच रहे हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिमान ने बताया कि बीते वीकेंड के दौरान कुछ पर्यटक आए थे, जो होटल तक ही सीमित रहे। कॉर्बेट पार्क खुलने के बाद ही पर्यटक यहां सफारी करने के लिए आएंगे।
5 of 6
नैनीताल में लौटी रौनक
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि पर्यटन स्थलों में शुमार भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, रामगढ़ और मुक्तेश्वर की वादियां कोरोना की मार के चलते वीरान हो गईं हैं। सैलानियों की आवाजाही नहीं होने से पर्यटन कारोबारी रोजीरोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भीमताल और नौकुचियाताल के नाव, कायकिंग संचालक नवल कुमार, कमल पलड़िया, सलीम, शाहिद, अनवर उल्ला ने बताया कि इस साल भी पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है।