बाबा अमरनाथ की तर्ज पर देश-दुनिया के तीर्थ यात्री अब उत्तराखंड की नीती घाटी में टिंबरसैंण महादेव की यात्रा कर सकेंगे। मार्च से यात्रा संचालित करने के लिए पर्यटन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। सरकार का मानना है कि टिंबरसैंण महादेव की यात्रा से सीमांत नीती घाटी में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
2 of 5
बाबा बर्फानी
- फोटो : अमर उजाला
अमरनाथ की तरह टिंबरसैंण महादेव में भी प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग तैयार होता है, लेकिन नीती घाटी इनर लाइन के अधीन होने से यहां तीर्थ यात्रियों के जाने पर कई बंदिशें थीं। कहा जाता है कि बर्फबारी ठीक हो तो शिवलिंग की ऊंचाई तकरीबन पांच फीट तक पहुंच जाती है। बर्फ का शिवलिंग अप्रैल तक रहता है। सरकार ने 2018 में भी यात्रा शुरू करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण रोक दी गई थी।
3 of 5
बाबा बर्फानी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार के प्रयासों से केंद्र ने नीती घाटी को इनर लाइन से बाहर कर दिया है। इससे टिंबरसैंण में यात्रा संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है। वर्तमान में टिंबरसैंण में तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए अवस्थापना विकास नहीं हुआ है। पर्यटन विभाग ने टिंबरसैंण की यात्रा को संचालित करने के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास बजट देने को तैयार है। इसके लिए विभाग ने चमोली जिला प्रशासन को प्लान तैयार करने को कहा है।
4 of 5
नीति घाटी में बाबा बर्फानी
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि मार्च से टिंबरसैंण महादेव की यात्रा के लिए जिला प्रशासन को तैयारी करने को कहा गया है। टिंबरसैंण में अभी तक यात्रियों की सुविधाओं के लिए कुछ नहीं है। अवस्थापना विकास के लिए जिला प्रशासन को बजट पर्यटन विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
5 of 5
बाबा बर्फानी के दर्शन करने गए युवक
- फोटो : अमर उजाला
टिंबरसैंण महादेव एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। केंद्र सरकार से नीती घाटी को इनर लाइन से बाहर करने का आग्रह किया गया था। जिसके बाद केंद्र ने घाटी में इनर लाइन को समाप्त किया है। इस यात्रा से सीमांत क्षेत्र घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विभाग को मार्च महीने से यात्रा संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री