उत्तराखंड के चमोली की तपोवन जल विद्युत परियोजना के बैराज साइट में बने दलदल में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, लेकिन अभी तक यहां लोगों की तलाश नहीं की जा सकी है। यह वही जगह है जहां पर एक वीडियो में करीब आठ से दस लोग सात फरवरी को मलबे के साथ नीचे गिरते दिख रहे थे। ऐसे में इन लोगों के भी यहीं दबे होने की आशंका है।
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चमोली में आपदा के बाद बनी दलदल
- फोटो : अमर उजाला
नवें दिन प्रशासन की ओर से यहां तक जाने के लिए अप्रोच रोड बनाई जा रही है। बैराज साइट पर नदी से लगातार पानी आ रहा है, जिससे यहां दलदल बना है। इस दलदल से लगातार बुलबुले उठ रहे हैं, जिसको देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां लोग दबे हो सकते हैं।
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चमोली में बैराज साइट पर बनाई जा रही एप्रोच रोड
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों के साथ ही बाहरी क्षेत्रों से आए लोग शुरू से ही यहां पर लापता की तलाश करने की बात कह रहे थे, लेकिन प्रशासन इस जगह पर काफी देर बाद काम शुरू कर रहा है। अब यहां तक पहुंचने के लिए अप्रोच रोड बनाई जा रही है। उसके बाद फ्लश पंप से दलदल को कम किया जाएगा और तलाश शुरू की जाएगी।
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चमोली में बैराज साइट पर बनी दलदल
- फोटो : अमर उजाला
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि जेसीबी से वहां तक जाने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। बैराज के दोनों तरफ लापता की तलाश का प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी से इस एरिया में आ रहे पानी को रोकने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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बैराज साइट पर नदी के ऊपर बनाया गया अस्थाई पुल
- फोटो : अमर उजाला
सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटे हैं एनडीआरएफ के176 जवान ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद से तपोवन सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की पांच टीमों में 176 जवान जुटे हुए हैं। इसमें तीन टीमें गाजियाबाद से पहुंची हैं। बचाव दल ने रैणी, तपोवन बैराज, धौली गंगा और सुरंग में सर्च अभियान शुरू किया जो अभी भी लगातार जारी है।