उत्तराखंड के चमोली जिले के रैणी-तपोवन में आई आपदा में टिहरी जिले के एक और युवक का शव बरामद हुआ है। चमोली जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि रविवार देर शाम प्रतापनगर ब्लाक के रौलाकोट निवासी जितेंद्र सिंह धनाई का शव बरामद किया गया था। जितेंद्र वहां ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में बतौर इलेक्ट्रीशियन तैनात थे। मौत की खबर सुनते ही गांव में मातम पसर गया।
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जितेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
रौलाकोट का जितेंद्र परिवार की आजीविका चलाने का एकमात्र सहारा था, जिसे चमोली आपदा ने छीन लिया। पांच बहनों में इकलौते भाई के ऊपर मां ऊषा देवी, पिता मातबर सिंह, पत्नी नीलम व तीन साल का बेटा आरुष और बहन के भरण-पोषण के साथ ही बहन की शादी की जिम्मेदारी थी, लेकिन सात फरवरी को रैणी-तपोवन में मची तबाही ने 200 से अधिक लोगों के साथ ही इस परिवार का सहारा भी छीन लिया।
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जितेंद्र सिंह का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
मानसिक रूप से कमजोर मातबर सिंह का 30 वर्षीय बेटा जितेंद्र धनाई ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में चार साल से नौकरी कर रहा था। रविवार शाम को सात फरवरी से लापता चल रहे जितेंद्र का शव मिलने की सूचना पर परिजनों की बेटे को सुरक्षित देखने की आस भी टूट गई।
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तपोवन में शवों को ले जाती एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
गांव के प्रधान आशीष डंगवाल ने बताया कि चमोली प्रशासन ने रविवार रात को जितेंद्र का शव मिलने की सूचना दी। गांव के मुकेश धनाई, धनवीर सिंह और शिव सिंह बिष्ट शव लेने जोशीमठ गए हैं। वे शव लेकर देर रात तक गांव पहुंचेंगे।
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चमोली में सुरंग से शवों को ले जाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवार के इकलौते सहारे के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देकर जितेंद्र की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।