उत्तराखंड में मौसम का कहर कम नहीं हो रहा है। अंधड़ की चपेट में आकर एक श्रमिक की मौत हो गई, वहीं कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
कुमाऊं में शुक्रवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश और अंधड़ से काफी नुकसान हुआ है। अंधड़ से जगह-जगह पेड़ गिर गए। टनकपुर के दूरस्थ डांडा-कठौल के जंगल में अंधड़ से शक्तिमान ट्रक (यूटीएफ/6643) पर पेड़ की टहनी गिरने से ट्रक में बैठे श्रमिक वार्ड संख्या तीन वर्मा लाइन टनकपुर निवासी मो. वसीम (34) पुत्र नवाब अली की मौत हो गई।
वहीं रोडवेज वर्कशॉप के पास वार्ड संख्या पांच में भी एक मकान पर पीपल की टहनी गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। अलबत्ता मकान में रह रहे लोगों की जान बच गई। अंधड़ से मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र की बिजली आपूर्ति छह घंटे ठप रही। शुक्रवार रात करीब आठ बजे से दो बजे तक बिजली गुल रहने से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंड के कई गांवों में खबर लिखे जाने तक बिजली आपूर्ति बंद थी।
इधर, तराई में शनिवार सुबह हुई बारिश से मौसम बेहद सुहावना हो गया। पारा करीब दो डिग्री लुढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बारिश होने के कारण गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रविवार को भी बारिश की संभावना है।
बागेश्वर में मूसलाधार बारिश से पुड़कुनी गांव में एक मकान की दीवार ध्वस्त हो गई। इस घटना में घर के सदस्य बाल-बाल बच गए। जबकि जीआईसी बागेश्वर की चारदीवारी ध्वस्त होने से सड़क में खड़े दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। चहारदीवारी के ध्वस्त होने से एमडीएम भवन और शौचालय को खतरा पैदा हो गया है। शनिवार को राजस्व विभाग ने क्षति का आंकलन किया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।