उत्तराखंड सरकार जल्द ही इन कर्मियों को जल्द खुशखबरी देने जा रही है। सरकार इनका सरकार ने इनका मानदेय बढ़ाने की तैयारी में है।
केवल इस बात पर निर्णय लेना है कि इनका न्यूनतम वेतन कितना रखा जाएगा। सातवें वेतनमान की संस्तुतियों को भी इसका आधार बनाया जा सकता है।
प्रदेश में इस समय विभिन्न महकमों में 21 हजार से अधिक कर्मी उपनल के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जो सचिवालय और तमाम सरकारी कार्यालयों, राज्य सरकार के उपक्रम व केंद्र सरकार के उपक्रम शामिल हैं। उपनल के जरिए इंजीनियर से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक के लिए विभिन्न विभागों को सेवाएं दी जाती हैं।
बता दें कि उपनल कर्मी लंबे समय से सरकार मानदेय बढ़ाने की मांग करे रहे हैं। उपनल कर्मी समान पद, समान वेतन की मांग कर रहे हैं और सरकार अभी उन्हें यह वेतन देने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में सातवें वेतनमान की संस्तुतियों के आधार पर यानी न्यूनतम मजदूरी 18000 रुपये को इसका आधार बनाया जा सकता है।
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क्राइम
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पहले माना यह जा रहा था कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मसले को लाया जा सकता है। इसकी तैयारी भी थी, लेकिन यह मसला कैबिनेट में नहीं उठा। अब माना जा रहा है कि विचलन के माध्यम से इस पर निर्णय लिया जा सकता है।