उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन विवि के गोपेश्वर कैंपस को अतिक्रमणमुक्त कराने और कैंपस में प्रवक्ताओं की तैनाती आदि मांगों के लिए तीन दिनों से धरना दे रहे छात्रों ने गुरुवार को परिसर में जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित छात्रों ने प्राचार्य कक्ष में तोड़फोड़ की। इस दौरान छात्रों की पुलिस जवानों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। एसडीएम बुसरा अंसारी के शुक्रवार से कैंपस का सीमांकन कार्य शुरू करने के आश्वासन पर छात्र शांत हुए।
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छात्रों का हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
कैंपस परिसर में धरना दे रहे छात्रों ने बृहस्पतिवार को आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे छात्र संघ अध्यक्ष अमित मिश्रा, सचिव दिव्या नेगी, मनोज सिंह, सौरभ भाटिया और अन्य छात्र प्रशासनिक भवन की छत तक जाने वाली सीढ़ी के दरवाजे का ताला तोड़कर छत पर चढ़ गए। जिला प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए उन्होंने छत से कूदने की धमकी दी। इसी दौरान कुछ छात्र-छात्राएं महाविद्यालय गेट पर एकत्रित हुए और चमोली-गोपेश्वर मार्ग पर सांकेतिक जाम लगा दिया।
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छात्रों के तेवर देख महाविद्यालय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। प्रभारी प्राचार्य डा. एमके उनियाल ने इसकी सूचना जिला प्रशासन और विवि कुलपति प्रो. यूएस रावत को दी। करीब एक घंटे बाद साढ़े बारह बजे एसडीएम बुसरा अंसारी और पुलिस उपाधीक्षक मिथलेश कुमार व पीडी जोशी मय फोर्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से जाम खोलने की बात कहते हुए उन्हें वार्ता के लिए प्राचार्य कक्ष में बुलाया। आक्रोशित छात्र छत से उतर कर अन्य छात्रों के साथ प्राचार्य कक्ष में पहुंचे।
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छात्रों का हंगामा
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उन्होंने प्राचार्य कक्ष में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्राचार्य कक्ष के बाहर लगाए गए फूलों के गमले भी तोड़ दिए। प्रवक्ताओं ने भी छात्रों को समझाया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से हुई वार्ता में छात्रों ने महाविद्यालय के चारों ओर हुए अतिक्रमण को चिह्नित कर उसके ध्वस्तीकरण की मांग उठाई। एसडीएम ने शुक्रवार से कैंपस के चारों ओर से सीमांकन कार्य शुरू करने का छात्रों को आश्वासन दिया।
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प्रभारी प्राचार्य डा. एमके उनियाल ने कहा कि कैंपस में प्रवक्ताओं की तैनाती सहित नए विषयों के संचालन संबंधी छात्रों की मांग से निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। छात्रों ने ऐलान किया कि महाविद्यालय की चहारदीवारी के निर्माण और अतिक्रमण पूरी तरह से हटने के बाद ही क्रमिक धरना स्थगित किया जाएगा।