डेयरी उद्योग में मुकाम हासिल कर चुके इस नौजवान का अगला लक्ष्य एक हजार लोगों को रोजगार देने का है।
आइये मिलते हैं दूसरे लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने 33 वर्षीय हरिओम नौटियाल से। ग्राम बड़कोट, रानीपोखरी, देहरादून में हरिओम ने खेती किसानी की ऐसी पाठशाला तैयार की है, जिसे देखकर आप दाद दिए बगैर नहीं रह पाएंगे।
हरिओम का डेयरी फार्म महज कुछ गाय भैंसों का एक बाड़ा नहीं, बल्कि इसे आप मॉडल कह सकते हैं। जहां, गाय-भैसों के अलावा, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन भी किया जाता है। जिसकी बदौलत आज हरिओम प्रतिमाह सवा लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।
माता-पिता चाहते थे बेटा इंजीनियर बने तो पहले ग्राफिक ऐरा, देहरादून से बीआईटी और फिर जयपुर राजस्थान जेएनयू से एमसीए। इसके बाद दिल्ली, बंगलूरू में सॉफ्टवेयर रिसचर्स की मोटी पगार वाली नौकरी। लेकिन हरिओम अपनी मिट्टी से जुड़कर कुछ करना चाहते थे।
आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ अपना काम करने का फैसला लिया। 2014 में पांच गायों से उन्होंने डेयरी शुरू की। आज उनके पास 12 गायें और एक भैंस है। इनमें सायवाल, हरियाणवी, जर्सी, रेड सिंधी आदि नस्लें शामिल हैं। हरिओम ने अपना फार्म खुद डिजाइन किया।