उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। गुरुवार को चकराता समेत केदारनाथ और ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई। वहीं अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश से ठंड में भी काफी इजाफा हो गया है। जिससे लोग भी अपने घरों में कैद हो गए हैं।
केदारनाथ में दिनभर रुक-रककर बर्फबारी होती रही। धाम में दो फीट नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पहले से साढ़े सात फीट बर्फ मौजूद है। द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ सहित चोपता, दुगलबिट्टा, गौंडार, रांसी, त्रियुगीनारायण, चौमासी, चिलौंड, हरियाली डांडा में बर्फबारी हुई है। इधर, निचले इलाकों में दोपहर बाद से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
गुरुवार तड़के से केदारनाथ में बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक होती रही। पूरे दिन यहां चारों तरफ घना कोहरा छाया रहा। बीते 10 दिनों से केदारनाथ सहित जनपद का मौसम आए दिन बदल रहा है। धाम में पुनर्निर्माण कार्य ठप हैं। बीते पांच दिनों में धाम से 60 लोग वापस लौट चुके हैं। अब, वहां 21 लोग रह रहे हैं, जिसमें 11 मजदूर, 4 पुलिस कर्मी और 6 साधु हैं।
धाम में मौजूद वुड स्टोन कंपनी के प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह ने बताया कि बर्फबारी के चलते पुनर्निर्माण कार्यों के पुन: शुरू होने की उम्मीदें फिर से धूमिल हो गई हैं। उन्होंने बताया कि धाम में बीते 21 जनवरी से बिजली और संचार सेवा ठप हैं। साथ ही पानी के पाइप भी बर्फ से जम चुके हैं, जिस कारण बर्फ पिघलाकर पानी पीना पड़ रह है।
धाम में अधिकतम तापमान 7 डिग्री और न्यूनतम माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा जनपद के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी दिनभर रुक-रुककर जमकर बर्फबारी होती रही। जबकि जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित अन्य घाटी क्षेत्रों में दोपहर बाद से रुक-रुककर बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाजारों में चहलकदमी सीमित रही।