पतंजलि योगपीठ के 23वें स्थापना दिवस समारोह में बाबा रामदेव ने बड़ा ऐलान कर दिया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने देश को यह सौगात देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पतंजलि ने देश में योग और आयुर्वेद को नया स्वरूप देकर इसे विश्व पटल पर पुन: स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। देश की सूरत बदलने के लिए पतंजलि आने वाले वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये चैरिटी पर खर्च करेगी।
बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि का अर्थ भरोसा है। हमने लोगों के भरोसे के साथ विज्ञान और पुरातन संस्कृति को जोड़ा है। दुनिया का सबसे बड़ा फूड पार्क, पतंजलि योगपीठ ने स्थापित किया है। यही वजह है कि पतंजलि को एफएमसीजी वर्ग की 11000 कंपनियों में ‘इंडियाज मोस्ट ट्रस्टेड एफएमसीजी ब्रांड’ से नवाजा गया है।
पतंजलि स्वदेशी आंदोलन के विषय में बाबा ने कहा कि 15 अगस्त को हमने सवा करोड़ लोगों को पूर्ण स्वदेशी का संकल्प दिलाया था। आगे अब लगभग पांच करोड़ लोगों को संकल्प दिलाएंगे। उन्होंने बताया कि पतंजलि 11 हजार करोड़ की चैरिटी कर चुका है। भविष्य में उसने एक लाख करोड़ की चैरिटी करने का लक्ष्य रखा है।
पतंजलि, गुरुकुलम और आचार्यकुलम के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भी देश को स्वतंत्र बना रहे हैं। 10-15 वर्षों में पतंजलि नालंदा व तक्षशिला से भी बड़ा शिक्षा केंद्र बनेगा। वर्ष 2018 के मध्य तक लगभग 10 हजार विद्यार्थियों के लिए विद्या संकुल का निर्माण किया जा रहा है।