प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली के मौके पर केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बाबा केदार के दर्शन किए और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का भी खूब आनंद उठाया। लेकिन यहां पहुंचकर भी वे अपनी ये दिली इच्छा पूरी नहीं कर पाए। इस बात को लेकर वे काफी मायूस भी हुए। आगे जानिए...
जी हां, उन्हें बहुत अफसोस था कि वे अपनी तपस्थली गरुड़चट्टी का भ्रमण नहीं कर सके। बीते सप्ताह हुई भारी बर्फबारी के कारण यहां का रास्ता बंद है, जिससे पीएम का गरुड़चट्टी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। बता दें कि मोदी ने 80 के दशक में गरुड़चट्टी में डेढ़ माह तक साधना की थी।
इस दौरान वे हर रोज बाबा केदार के दर्शन को मंदिर में पहुंचते थे और कुछ समय परिसर में बिताते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर से करीब एक किमी दूर मंदाकिनी नदी के ऊपरी तरफ बनाई गई मौन गुफा को भी नहीं देख पाए। उन्होंने कहा कि अब जब भी धाम आऊंगा, गुफा के दर्शन जरूर करूंगा। बता दें कि पीएम मोदी के कहने पर केदारनाथ में अध्यात्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुफा का निर्माण कराया गया है।
आने वाले समय में यहां अलग-अलग स्थानों पर और गुफाएं बनाई जानी हैं। प्रधानमंत्री मोदी जब मंदिर परिसर से आगे बढ़ते हुए मंदिर मार्ग की तरफ बढ़ने लगे तो मंदिर के दायीं तरफ एकत्रित लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इस पर, पीएम ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और स्वस्थ रहने का आशीष दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य बढ़िया रखिए। उन्होंने मंदिर मार्ग पर एकत्रित भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले जो केदारनाथ देखा था, वह अब बहुत बदला नजर आ रहा है। इस दिव्य धाम को लेकर जो सोच मेरे मन में थी, वह साकार होने लगी है। इसके लिए उत्तराखंड शासन के अधिकारियों व उनकी टीम को ढेरों बधाई।