थर्टी फर्स्ट और नए साल से एक दिन पहले टिहरी झील पर्यटकों से गुलजार रही। सैलानियों ने बोटिंग का जमकर लुत्फ उठाया। बोटिंग करने के लिए रिकॉर्ड तोड़ सैलानी टिहरी पहुंचे। वहीं, कवि कुमार विश्वास ने भी टिहरी झील में बोटिंग की। सैलानियों की एकाएक बढ़ती संख्या से बोट व्यवसायों और व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे।
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परिवार के साथ बोटिंग का लुत्फ उठाते कुमार विश्वास
- फोटो : अमर उजाला
कुमार विश्वास बुधवार को परिजनों के साथ बोटिंग करने टिहरी पहुंचे। उन्होंने स्पीड बोट से कोटी से डोबरा-चांठी पुल तक फर्राटा भरकर टिहरी झील और प्रतापनगर की वादियों का दीदार किया। टिहरी के मौसम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि झील से स्थानीय लोगों को और अधिक संख्या में रोजगार दिया जा सकता है।
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टिहरी झील में बोटिंग करते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी बोटिंग प्वाइंट पर बुधवार सुबह से ही सैलानियों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिली। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, देहरादून से पर्यटक रोमांच का सफर करने यहां पहुंचे थे। इससे बोट व्यवसायों और स्थानीय व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे।
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बोटिंग करते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि झील में बोटिंग करने के लिए पिछले एक माह से प्रतिदिन औसतन 250 से लेकर 300 सैलानी पहुंच रहे थे, लेकिन बुधवार को रिकाॅर्ड तोड़ सैलानी झील देखने पहुंचे। जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे तक 752 सैलानियों ने झील में रोमांच का सफर किया।
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बोटिंग करते कुमार विश्वास
- फोटो : अमर उजाला
डा. विश्वास ने कहा वे अपनी पत्नी मंजू शर्मा और साले के साथ थर्टी फर्स्ट मनाने शोर शराबे से दूर टिहरी झील पहुंचे हैं। ऋषिकेश से वे सीधे कार से टिहरी पहुंचे। बीच में उन्होंने आगराखाल में पहाड़ी अदरक, लहसून भी खरीदा और रबड़ी मिठाई भी खाई। कोटी कालोनी बोटिंग प्वाइंट से यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने उन्हें झील की सैर कराई।