ड्राइविंग लाइसेंस और इसके टेस्ट से जुड़ी यह नई सुविधा राहत भरी खबर लेकर आई है। देहरादून वासियों को अब लर्निंग लाइसेंस टेस्ट के लिए आरटीओ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि झाझरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च (आईडीटीआर) में लर्निंग लाइसेंस के लिए कंप्यूटर पर परीक्षा ली जाएगी।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। फरवरी के पहले सप्ताह से लर्निंग व परमानेंट लाइसेंस का परीक्षण झाझरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च (आईडीटीआर) में शुरू हो जाएगा। वहीं, अप्रैल तक सभी वाहनों के परमानेंट लाइसेंस आईडीटीआर में बनेंगे। ट्रैक पर आवेदक का परीक्षण करने के बाद डाक के जरिये लाइसेंस घर भेजा जाएगा।
आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि परिवहन विभाग आईडीटीआर में परीक्षा के लिए सॉफ्टवेयर में परिवर्तन किया जा रहा है। फरवरी के पहले हफ्ते से भारी व मध्यम वाहनों के लिए परमानेंट लाइसेंस की परीक्षा आइडीटीआर में शुरू कर दी जाएगी। आरटीओ ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक को आरटीओ दफ्तर और आइडीटीआर का विकल्प दिखाई देगा।
अभी परमानेंट लाइसेंस में भारी व मध्यम वाहनों की परीक्षा आइडीटीआर में होगी। इसे लेकर आरटीओ दफ्तर से तकनीकी स्टॉफ वहां तैनात किया जाएगा। इसके अलावा लर्निंग लाइसेंस के लिए भी दो विकल्प आवेदकों को दिखेंगे। लर्निंग के लिए आवेदक आरटीओ या आईडीटीआर में से कहीं भी जा सकता है, लेकिन परमानेंट लाइसेंस में कोई विकल्प नहीं मिलेगा।
बता दें कि सूबे में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आटोमेडेट टेस्टिंग लेन नहीं है। जिसके चलते परिवहन विभाग मोटर ट्रेनिंग स्कूलों की ओर से जारी प्रमाण-पत्रों के आधार पर ही आवेदकों को भारी, मध्यम और हल्के व्यावसायिक वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस जारी करता है। जिसके चलते कई बार गैर अनुभवी चालक भी आसानी से लाइसेंस हासिल कर लेते थे लेकिन आईडीटीआर में परीक्षा होने के बाद इस पर अंकुश लग जाएगा।