फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नागपंचमी: 125 साल बाद आज बन रहा दुलर्भ संयोग, इस शुभ मुहूर्त में करें महादेव और नागदेवता की पूजा 

Mon, 05 Aug 2019 10:15 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लक्सर(हरिद्वार)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लक्सर(हरिद्वार) Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 05 Aug 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
Nag panchami 2019 Rare coincidence after 125 years on Sawan Monday

सावन के तीसरे सोमवार यानी आज नाग पंचमी मनाई जाएगी। पूरे 125 वर्ष बाद ऐसा संयोग लग रहा है, जब सोमवार के दिन ही नागपंचमी है। इसलिए इस पर्व का फल दोगुना मिलेगा। संयोग के साथ-साथ इस दिन यायीजयद योग के साथ हस्त नक्षत्र है।        



इस नागपंचमी पर प्रसिद्ध त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, उज्जैन में कराएं कालसर्प दोष शान्ति पूजा। (विज्ञापन) 

Nag panchami 2019 Rare coincidence after 125 years on Sawan Monday

हर साल सावन मास की शुक्ल की पंचमी को नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है। लेकिन, इस बार पंचमी बहुत ही दुर्लभ संयोग में पड़ रही है। पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री ने बताया कि पंचमी पर रुद्राभिषेक का भी अत्यंत महत्व है। नाग पंचमी का मुहूर्त पांच अगस्त को सुबह 5:49 से 8:28 के बीच है। जबकि तिथि समाप्ति इसी दिन 3:54 तक रहेगी। 

इस नागपंचमी पर प्रसिद्ध त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, उज्जैन में कराएं कालसर्प दोष शान्ति पूजा। (विज्ञापन)

Nag panchami 2019 Rare coincidence after 125 years on Sawan Monday

पुराणों के अनुसार, इस समय पृथ्वी का भार शेषनाग ने अपने सिर पर उठाया है। इसलिए उनकी पूजा अवश्य की जानी चाहिए। यह दिन गरुड़ पंचमी के नाम से भी प्रसिद्ध है। नाग देवता के साथ इस दिन गरुड़ की भी पूजा की जाती है। 

इस नागपंचमी पर प्रसिद्ध त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, उज्जैन में कराएं कालसर्प दोष शान्ति पूजा। (विज्ञापन)

विज्ञापन
विज्ञापन
Nag panchami 2019 Rare coincidence after 125 years on Sawan Monday

उन्होंने बताया कि नाग पंचमी पर नागों की पूजा करने से दैहिक दैविक और भौतिक पापों मुक्ति मिलती है, जिनकी जन्मपत्री में कालसर्प दोष है, उसका निवारण करने के लिए यह समय अति उत्तम है। यह दोष भाग्य में अवरोधक बन जाता है। इसके निवारण के लिए नागों के साथ भगवान भोलेनाथ का परिवार सहित पूजन किया जाता है। 

इस नागपंचमी पर प्रसिद्ध त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, उज्जैन में कराएं कालसर्प दोष शान्ति पूजा। (विज्ञापन)

विज्ञापन
Nag panchami 2019 Rare coincidence after 125 years on Sawan Monday

दूध से रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। गन्ने के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। घी से अभिषेक करने से रोग दूर होते हैं। दही से अभिषेक करने से पशु स्वस्थ रहते हैं। शास्त्री ने बताया कि कालसर्प दोष शांति से मुक्ति के लिए कालसर्प दोष का निवारण करना चाहिए।

इस नागपंचमी पर प्रसिद्ध त्र्यम्बकेश्वर मंदिर, उज्जैन में कराएं कालसर्प दोष शान्ति पूजा। (विज्ञापन)

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed