केदारनाथ यात्रा पर आई महिला के दो बच्चे पैदल मार्ग पर बिछड़ गए। जिससे महिला बेचैन हो गई। पुलिस ने चार घंटे की मशक्कत के बाद महिला के बच्चों को ढूंढ निकाला। केदारनाथ में जब मां को उसके दोनों बच्चों से मिलवाया गया तो वह फफक-फफक कर रो पड़ी। बच्चों को अपनी आंखों के सामने देख मां ने उन्हें खूब दुलार किया। यह देख आसपास के लोग भी भावुक हो गए।
मां की तड़प: केदारनाथ पैदल मार्ग पर बिछड़े बच्चे, महिला ने खोया होश, घंटों मशक्कत के बाद पुलिस ने मिलवाया तो खूब किया दुलार
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शनिवार को सुबह 4 बजे से प्रशासन व पुलिस ने यात्रियों को केदारनाथ के लिए भेजना शुरू कर दिया गया था। सुबह 8 बजे तक दस हजार व पूर्वाह्न 11.30 बजे तक 13965 यात्री धाम भेजे गए। इसके बाद भी सोनप्रयाग में यात्रियों की काफी भीड़ रही, लेकिन एक दिन के हिसाब से केदारनाथ के लिए निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद यात्रियों को रोक दिया गया है।
केदारघाटी के जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों ने प्रशासन पर यात्रियों को सोनप्रयाग में जबरन रोकने का आरोप लगाया है। कहा कि पूर्वाह्न 11 बजे ही सोनप्रयाग में गेट लगाया जा रहा है, जिससे यात्री रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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कालीमठ वार्ड के जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा का कहना है कि यात्रा को रूट के हिसाब से संचालित कर रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रियों के प्रवास की व्यवस्था की जाए, जिससे सभी कारोबारियों को काम मिल सके। लेकिन प्रशासन व पुलिस के कुछ अधिकारियों के द्वारा यात्रियों को जबरन गुप्तकाशी से फाटा के बीच दिनभर रोका जा रहा है और शाम होते ही सोनप्रयाग भेजा जा रहा है।