इस सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा यानि 27 जुलाई की देर रात घटित हो रहा है। यह चंद्रग्रहण दो संयोगों में पड़ रहा है।
चंद्र ग्रहण 2018: दो संयोगों में पड़ रहा यह ग्रहण सभी पर डालेगा प्रभाव, ये उपाए बचाएंगे
चंद्रग्रहण का समय 27 जुलाई रात 11 बजकर 55 मिनट 26 सेकेंड से 28 जुलाई रात 3 बजकर 49 मिनट 59 सैकेंड तक रहेगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 54 मिनट 33 सैकेंड रहेगी। इसका सूतक काल 27 जुलाई की दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि खंग्रास चंद्रग्रहण 27/28 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा पर पड़ रहा है। यह ग्रहण आषाढ़ी पूर्णिमा की मध्य रात्रि को समस्त भारत में खंग्रास के रूप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का स्पर्श 11 बजकर 55 मिनट 6 सैकेंड पर लगेगा। खंग्रास एक बजे से शुरू होगा। ग्रहण का मध्य एक बजकर 52 मिनट पर होगा और खंग्रास समाप्त दो बजकर 43 पर होगा। ग्रहण के सूतक और ग्रहणकाल में स्नान, दान, जप-पाठ, मंत्र, स्तोत्रा-पाठ, मंत्र- सिद्धि , तीर्थस्नान, ध्यान, हवनादि शुभ कृत्यों का सम्पादन करना कल्याणकारी होता है।
चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव और उपाय
मेष राशि - चंद्रग्रहण के असर के कारण मन में अपनों के प्रति गुस्सा बढ़ सकता है। भगवान शिव पर दूध-गंगाजल चढ़ाएं।
वृष राशि - रुके काम को बल मिलेगा। धरती संबंधी काम को टालना उचित रहेगा। सरकारी कामों में देरी रहेगी। गर्भवती महिला तुलसी चीभ के नीचे रखें।
मिथुन राशि - कोई सुख सामाचार मिल सकता है।