तस्वीरों में देखें, कैसे छटपटाता रहा तार में फंसा गुलदार
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सोमवार की सुबह 10 बजे कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग अंतर्गत बुलीकावाला गांव से सटे जंगल में लोगों को फेंसिंग वायर में फंसा गुलदार दिखाई दिया, जो बुरी तरह से छटपटा रहा था। लोगों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना पर चौहड़पुर रेंज के एसडीओ रंगनाथ पांडेय और रेंज अधिकारी कुलदीप पंवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसकी जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी सुरेंद्र कुमार को दी।
गुलदार को रेस्क्यू करने के लिए राजाजी नेशनल पार्क के विशेषज्ञों से संपर्क साधा गया। वहां से विशेषज्ञों की टीम ट्रैंकुलाइजर गन और इंजेक्शन लेकर दोपहर करीब ढाई बजे मौके पर पहुंची। विशेषज्ञों ने करीब चार इंजेक्शन गुलदार पर दागे, लेकिन सभी निशाने चूक गए। इस बीच ट्रैंकुलाइजर गन में भी तकनीकी खराबी आ गई।
ऐसे में चकराता वन प्रभाग से ट्रैंकुलाइजर गन मंगा कर गुलदार को बेहोश किया गया। पूरा ऑपरेशन विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की देखरेख में चला। शाम करीब छह बजे बेहोश गुलदार को वन कर्मियों ने पिंजरे में कैद कर अधिकारियों की देखरेख में जंगल में छोड़ दिया। गुलदार की सूचना लगते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। भीड़ को काबू पाने के लिए पुलिस कर्मी बुलाने पड़े।
एसडीओ रंगनाथ पांडेय ने बताया कि नर गुलदार साढ़े तीन से चार साल का था। उसे पानी के स्रोत के समीप छोड़ा गया है। गुलदार पूरी तरह से स्वस्थ है। उधर, डीएफओ ने कहा रिजर्व फारेस्ट में फेंसिंग वायर लगाने के मामले की जांच की जाएगी। ऐसे लोगों को चिन्हीत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।