दशहरे के मौके पर आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी जगह के बारे में जहां लंकापति रावण को मारने के बाद श्री राम आकर ध्यानमग्न हो गए थे। साथ ही उन्होंने वर्षों तक तपस्या कर रावण को मारने का पश्चाताप भी किया था।
रावण का वध करने के बाद यहां आकर श्री राम ने किया था पश्चाताप, वर्षों तक तपस्या में रहे थे लीन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:06 AM IST
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