इनकम टैक्स रिटर्न भरने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। तो जल्दी ही ये काम निपटा लें, लेकिन इन बातों पर ध्यान जरूर दें।
आयकर अधिकारियों के मुताबिक, आयकर के प्रावधानों के अंतर्गत दिव्यांग व्यक्ति को छूट मिलती है। इसके लिए वे आसानी से क्लेम कर सकते हैं। अगर आपने नोटबंदी के दौरान एकांउट में दो लाख से अधिक की राशी जमा की है तो आपको इसकी जानकारी इसमें देनी पड़ेगी। अगर ऐसा नहीं किया तो आयकर विभाग की नजर आप पर बनी रहेगी।
नए नियमों के तहत अब सिर्फ 80 साल से अधिक उम्र के लोग ही ऑफलाइन रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके अलावा पांच लाख रुपये तक की इनकम वाले इंडिविजुअल जिनका कोई रिफंड न हो, ऐसे लोग ऑफलाइन रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आईटीआर 1 और आईटीआर 2 को छोड़कर बाकी सभी ऑनलाइन भरने अनिवार्य हैं।
अगर आप ये सोच रहे हैं तो कि अलग-अलग स्रोतों से हुए इनकम जिन पर टीडीएस काटा जा चुका है, तो ऐसा न सोचें। यह ब्योरा जरूर दें। नियमों के मुताबिक यह बिल्कुल गलत है। आपको ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने में ऐसी इनकम का ब्योरा भी देना होगा। अगर कोई वेतनभोगी है और इसके साथ किराया, ब्याज आदि से अतिरिक्त आय हो रही, है तो रिटर्न फाइल करते समय आप केवल अपनी वेतन से होने वाली इनकम का ब्योरा रिटर्न फाइल में न भरें।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय करदाता को अपनी सभी इनकम का ब्योरा देना होता है. साधारणत: रिटर्न फाइल करते समय टैक्स पेयर एफडी और रेकरिंग डिपॉजिट के ब्याज से होने वाली आय का ब्योरा देना जरूरी नहीं समझते हैं. इस तरह की गलती अधिकांश टैक्सपेयर करते हैं। जबकि एफडी या रेकरिंग डिपॉजिट से मिले ब्याज का ब्योरा रिटर्न फाइल करते समय देना जरूरी होता है।