आखिर ऐसा क्या हुआ कि 23 मार्च को दिल्ली में अनशन की तैयारी कर रहे अन्ना हजारे ने सबके सामने जान देने की धमकी डाली।
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अन्ना हजारे ने सबके सामने दे डाली जान देने की धमकी, यह है इसके पीछे की वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 07 Mar 2018 07:16 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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किसानों की समस्याएं और अन्य मुद्दों को लेकर 23 मार्च को दिल्ली में अनशन की तैयारी कर रहे अन्ना हजारे ने साफ किया कि या तो मांगे मनवाएंगे या फिर जान दे देंगे। अन्ना ने केंद्र सरकार को किसानों के बजाय उद्योगपतियों की चिंता करने वाली बताया। कहा कि भ्रष्टाचार रोकने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने लोकपाल को ही कमजोर करने का काम किया है।
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रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में अन्ना के कई रूप देखने को मिले। एक बुजुर्ग की तरह युवाओं से मुखातिब अन्ना ने करीब एक घंटे के भाषण में अपने जीवन का पूरा खाका खींचा और अपने दिल्ली अभियान के मुख्य बिंदु सामने रखे। अन्ना ने कहा कि हर राज्य में कृषि मूल्य आयोग गठित है। ये आयोग दिल्ली को अपनी संस्तुति भेजते हैं, लेकिन दिल्ली में बैठे शुक्राचार्य इनमें 50 प्रतिशत तक की कमी कर देते हैं। इन आयोगों पर से केंद्र सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से खत्म होना चाहिए।
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पिछले 22 साल में 22 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि इस दौरान एक भी उद्योगपति ने आत्महत्या नहीं की। फिर भी केंद्र सरकार किसानों की बजाय जीएसटी, नोटबंदी की चिंता में उलझी हुई है। अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार को सहन न करने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने लोकपाल कानून को कमजोर करने का काम किया। उन्होंने चुनाव सुधार पर भी जोर दिया और कहा कि चुनावों में चुनाव चिह्न का प्रयोग पूरी तरह से खत्म होना चाहिए।
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Anna Hazare on Student Movement against SSC
23 मार्च को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान करते हुए अन्ना ने कहा कि वह किसानों, लोकपाल और चुनाव सुधार के मुद्दे पर अनशन पर बैठेंगे। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता उनकी लड़ाई जारी रहेगी। जनसभा में दिल्ली से आए यशवंत प्रकाश ने कहा कि एनपीए दस लाख करोड़ रुपये हो गया है और सबको 12 लाख रुपये देने का दावा करने वाली सरकार हर आदमी के खाते से आठ हजार रुपये ले लिए हैं। जनसभा में आयोजक सुशील भट्ट ने कहा कि 23 मार्च को हल्द्वानी से भी अधिक से अधिक लोग दिल्ली पहुंचेंगे।