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नोटबंदी की मारः छोटे नोट नहीं थे तो अस्पताल ने नहीं दी डेडबॉडी

Thu, 17 Nov 2016 11:01 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 17 Nov 2016 11:01 AM IST
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hospital did not give dead body
dead body - फोटो : amar ujala

हरिद्वार में रामकृष्ण मिशन अस्पताल प्रबंधन ने छोटे नोट नहीं देने पर एक महिला के शव को चार घंटे तक रोके रखा। अस्पताल में हंगामा और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी अस्पताल प्रबंधन शव देने को तैयार नहीं हुआ। परिजनों ने किसी तरह से छोटे नोटों की व्यवस्था करके महिला का शव छुड़वाया।

hospital did not give dead body

कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे झुग्गी बस्ती, चंडीघाट निवासी लक्ष्मी देवी पत्नी
तेजबीर को तबियत बिगड़ने पर भर्ती किया था। इलाज के दौरान शाम चार बजे लक्ष्मी की मौत हो गई। चिकित्सकों ने परिजनों को दस हजार रुपये बकाया का बिल थमा दिया।
 

hospital did not give dead body
rupee

परिजनों ने भुगतान करने में असमर्थता जताई तो कुछ लोग मामले को लेकर अस्पताल के संचालक ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से मिले। उन्होंने बिल में पांच हजार की छूट दे दी।
 

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जैसे-तैसे परिजनों ने रुपयों का इंतजाम किया, लेकिन पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट की ही व्यवस्था हो सकी। तेजबीर जब रुपये लेकर अस्पताल पहुंचा तो वहां काउंटर पर इन रुपयों को लेने से कर्मचारी ने इंकार कर दिया। अस्पताल कर्मियों का कहना था कि छोटे नोट ही लिए जाएंगे।
 

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पु‌लिस - फोटो : file photo

इस पर परेशान परिजनों ने कुछ लोगों से संपर्क साधा। कई लोग उनके समर्थन में आ गए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव जेपी पांडे और व्यापारी अमित कुमार आदि ने ट्रस्ट के सदस्यों से संपर्क किया। इस पर भी बात नहीं बनी तो कनखल थानाध्यक्ष से शिकायत की गई।
 

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