फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हिम युग की ओर बढ़ रहा हिमालय, वैज्ञानिकों को मिले ये संकेत

Mon, 12 Sep 2016 03:08 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 12 Sep 2016 03:08 PM IST
विज्ञापन
Himalayas moving towards glacial era
हिमालय

ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रहा हिमालय हिम युग की तरफ बढ़ रहा है जिससे ग्लेशियरों का आकार फिर बढ़ेगा। इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर ग्लेशियर बढ़ने के संकेत मिले हैं। तापमान के उतार-चढ़ाव से गल कर बह गया गंगोत्री ग्लेशियर का गोमुख एक बार फिर वजूद में आएगा। 

Himalayas moving towards glacial era
glaciers - फोटो : Getty Images

इसके साथ ही एक और चौंकाने वाली बात उजागर हुई कि हिमालयी क्षेत्र में औद्योगिक, मानव गतिविधियां कार्बन डाई आक्साइड बढ़ाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है। करोड़ों साल पहले हिमालयी क्षेत्र में आज की तुलना में 17 गुना कार्बन डाई आक्साइड अधिक रही है।

Himalayas moving towards glacial era
photos of chorabari glacier and corabri lake

गंगोत्री ग्लेशियर के सिकुड़ने और गौमुख बहने के बाद वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों ने पृथ्वी के इतिहास से संबंधित आंकड़े खंगाले तो चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। हिमालयी क्षेत्र में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा लगातार घट रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Himalayas moving towards glacial era
glacier broken behind gaukumkh

50 करोड़ साल पहले हिमालय में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा 7500 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) थी, 40 करोड़ साल पहले 3000 पीपीएम हुई और अब घटकर 420 पीपीएम पर आ गई है। विज्ञानियों का मानना है कि औद्योगिक और मानव गतिविधियां हिमालय में कार्बन डाई आक्साइड फैलाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है।

विज्ञापन
Himalayas moving towards glacial era
हिमाचल की सतलुज, रावी, पार्वती और ब्यास नदियों के हिम स्रोत पिछले 25 वर्षों में 450 वर्गमीटर तक सिकुड़ चुके हैं।

विज्ञानियों का कहना है कि सूरज का मूड बदलने और इसकी चमक घटने-बढ़ने से कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा बढ़ती है।
इसके अलावा उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर हिमालय में हिम युग की आहट के संकेत मिलने लगे हैं। ग्लेशियल ऐज पूरी तरह कब प्रभावी होगी, विज्ञानी इसका आकलन कर रहे हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed