फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

राहुल गांधी के सवालों के जवाब रामायण और महाभारत में ढूंढ रहे हैं हरीश रावत

Mon, 22 May 2017 09:10 PM IST
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 22 May 2017 09:10 PM IST
विज्ञापन
harish rawat reading ramayana and mahabharat
harish rawat with rahul gandhi

प्रचंड मोदी लहर से छिन्न-भिन्न कांग्रेस का खोया वैभव क्या रामायण और महाभारत सरीखे महाग्रंथों से लौटेगा। कांग्रेस आलाकमान तो नहीं लेकिन खांटी सियासतदां हरीश रावत इन दिनों इन महाग्रंथों में कांग्रेस की मूर्छा को तोड़ने की संजीवनी खोज रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उन्होंने जो रिवाइवल प्लान सुझाया था, उस पर युवराज ने कई प्रश्न उठाए हैं। इन प्रश्नों के तार्किक उत्तर तलाशने के लिए इन दिनों हरीश रावत इन महाग्रंथों का अध्ययन कर रहे हैं।

harish rawat reading ramayana and mahabharat
harish rawat

बकौल हरीश रावत, ‘मैं रामायण और महाभारत के अध्ययन से ये जानने का प्रयत्न कर रहा हूं कि आखिर वो कौन सी रणनीति रही होगी, जिसके आगे विराट छवि के अपराजित माने जाने वाले योद्धाओं को भी मुंह की खानी पड़ी।’ हरीश का इशारा भाजपा के विजय रथ पर सवार विराट छवि वाले पीएम नरेन्द्र मोदी की ओर है। वह कहते हैं, फुरसत के समय में मैं तीन महान ग्रंथों को पढ़ रहा हूं। तीसरा ग्रंथ जवाहर लाल नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया है।

harish rawat reading ramayana and mahabharat
harish rawat

हरीश रावत कहते हैं,‘अपने एक मित्र की सलाह पर मैंने ‘माइन काम्फ’(मेरा संघर्ष) पढ़नी शुरू की है। राष्ट्रवाद के प्रचंड पैरोकार माने जाने वाले हिटलर की आत्मकथा पर आधारित ये पुस्तक सियासी चरित्र, सियासत के स्वरूप, अकादमिक सदनों के महत्व, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रवादी भावना के आधारों को खोलती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
harish rawat reading ramayana and mahabharat
रामायण

उनके मुताबिक, इन ग्रंथों से जानना चाहता हूं कि उस कालखंड में चुनौतियों का सामना कैसे हुआ? साथ ही इस प्रश्न का जवाब भी खोज रहा हूं कि समूचे राष्ट्र को मजबूत करने वाली कांग्रेस खुद कमजोर कैसे होती चली गई? इस संबंध में उनकी राहुल गांधी से दो मुलाकातें हो चुकी हैं।

विज्ञापन
harish rawat reading ramayana and mahabharat
Rahul Gandhi

पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की मजबूती, फ्रंटल संगठनों की सक्रियता और बदल रहे सामाजिक आर्थिक व सांस्कृतिक परिवेश के अनुरूप अनुसांगिक संगठनों की आवश्यकता से जुड़े सुझाव वह दे चुके हैं। उन्हें ये प्रश्न मथ रहा है कि आखिर पार्टी ऐसा क्या कर सकती है कि 10 से 25 साल के बालक और युवा कांग्रेस की विचारधारा से कनेक्ट हो?

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed