चमोली जिले के घाट विकास खंड के लांखी, बांजबगड़ और आली गांव में बादल फटने से एक मां, नौ माह की बेटी व तीन बच्चों समेत छह की मौत हो गई है। वहीं, चुफलागाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट बाजार में चार दुकानें नदी में बह गई हैं। घटना के बाद से घाट क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
रविवार को शाम सात बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सोमवार को सुबह आठ बजे थमी। बादल फटने से गांवों के पैदल रास्ते, पेयजल व विद्युत लाइन तहस-नहस पड़ी हुई हैं। वहीं चुफलागाड़ नदी के उफान पर आने से चार दुकानें भी नदी में बह गई हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा और तहसील टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे शवों को रेस्क्यू किया।
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सभी शवों का बांजबगड़ गांव के पंचायत घर में पोस्टमार्टम किया जा रहा है। मूसलाधार बारिश के दौरान आज तड़के चार बजकर दस मिनट पर लांखी गांव के समीप की पहाड़ी पर बादल फटने से शंकर लाल का मकान मलबे की चपेट में आ गया जिससे शंकर लाल की आठ वर्षीय बेटी आरती व छह वर्षीय बेटी अंजली तथा उनका रिश्तेदार अजय (24) पुत्र सुरेंद्र लाल, निवासी नौरख, पीपलकोटी मलबे में दब गए।
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स्थानीय ग्रामीणों ने बारिश में ही मलबे को हटाना शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और सुबह नौ बजे तक तीनों शव मलबे से निकाल लिए गए। इसी दौरान बांजबगड़ गांव में भूस्खलन से एक आवासीय मकान मलबे की चपेट में आ गया जिसमें अब्बल सिंह की पत्नी रूपा देवी (33) और नौ माह की बेटी चंदा मलबे में दब गए और दोनों की मौत हो गई। आली गांव में भी एक आवासीय मकान के पीछे से भूस्खलन होने के कारण नौरती (20) पुत्री नैनू राम की मौत हो गई। घटना में 40 बकरियां, दो बैल और बछड़ा भी मलबे में दफन हो गए।
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कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम पर कुछ इस तरह जलस्तर बढ़ गया है
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बांजबगड़ क्षेत्र में बादल फटने से चुफलागाड़ नदी उफान पर आ गई है। नदी के कटाव से घाट बाजार में स्थित शंभू प्रसाद मैंदोली, कुंवर सिंह, दिनेश प्रसाद और शाहिद की दुकानें नदी में समा गईं।चमोली के प्रभारी जिलाधिकारी हंसादत्त पांडे ने कहा कि बांजबगड़ गांव में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।