पिछले तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रविवार को हरिद्वार जिले में भारी तबाही मचाई। वहीं हरिद्वार जिले में हस्तमौली गांव के पास सोलानी नदी का तटबंध टूट गया। मलबा आ जाने से हरिद्वार देहरादून रेल मार्ग दिन भर ठप रहा जबकि हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग जलभराव और हरिद्वार नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन की चपेट में आ जाने के कारण दोपहर बाद तक बंद रहे।
तस्वीरें: हरिद्वार में बारिश से भारी तबाही, तटबंध टूटा, रेलमार्ग और हाईवे ठप
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श्यामपुर के कांगड़ी गांव में गंगा और सहयोगी नदी के तेज बहाव से हो रहे कटाव के चलते गांव पर संकट पर मंडरा रहा है। पथरी क्षेत्र में पदार्था और गैंडीखाता की गुर्जर बस्ती में 50 से ज्यादा मकान बाढ़ की चपेट में आ गए। पदार्था में तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा।
शहर के मध्य हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, उत्तरी हरिद्वार में जहां सैकड़ों घरों में पानी भर गया, वहीं जिले में गंगा तटीय क्षेत्र के करीब सौ गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। डीएम की अगुवाई में पूरा जिला प्रशासन दिन भर राहत और बचाव कार्य में जुटा रहा। नजनप्रतिनिधि भी दौड़ते रहे। शाम तक भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया था।
शुक्रवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार वर्षा से शनिवार दिन में तो कुछ राहत रही थी लेकिन रात से फिर शुरू हुई तेज बारिश ने रविवार की तड़के जमकर कहर बरपाया। हरिद्वार के कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। उत्तरी हरिद्वार के अलावा मध्य हरिद्वार, कनखल, रानीपुर आदि क्षेत्रों में जगह जगह जलभराव से जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त रहा और पतंजलि जैसी संस्थाओं की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भोजन के पैकेट व अन्य आवश्यक सुविधाएं जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
उधर, रानीपुर क्षेत्र के ग्राम जमालपुर खुर्द के पास तेज बहाव में तीन लोग पानी में बह गए उनमें से जलपुलिस ने एक व् हरकी पैड़ी के सामने सुरंग के पास भारी भू स्खलन हो जाने से सुबह नौ बजे से ही रेलवे ट्रैक बंद कर दिया गया। वहीं पतंजलि योगपीठ के पास रौ का पानी आ जाने से दिल्ली हरिद्वार हाइवे बंद करना पड़ा। चंडीदेवी पर्वतमाला से बड़े बड़े पत्थर हाईवे पर आ गिरे, जिससे हरिद्वार बिजनौर राष्ट्रीय राजमार्ग भी दिन भर बंद रहा।