फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उत्तराखंड में भारी तबाही ला सकता है भूकंप, मिल रहे हैं खतरनाक संकेत!

Thu, 24 Aug 2017 08:27 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 24 Aug 2017 08:27 AM IST
विज्ञापन
disastrous earthquake expected in uttarakhand
disaster in uttarakhand - फोटो : amar ujala

जी हां, मंगलवार की रात करीब 8.52 पर चमोली जिले में भूकंप के झटक‌े महसूस किए गए। हालांकि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 लेकिन इन छोटे-छोटे भूकंप के झटकों को नजर अंदाज करना भारी पड़ सकता है। 


 

disastrous earthquake expected in uttarakhand
Earthquake
चमोली जिले में मंगलवार रात आए भूकंप का केंद्र जोशीमठ ब्लॉक के सुराईटोटा में था और इसकी गहराई 10 किमी थी। सुराईकोटा चीन सीमा क्षेत्र नीती में है। जिला आपदा प्रवंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप की गहराई अधिक होने के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
 
disastrous earthquake expected in uttarakhand
himalaya
वहीं वैज्ञानिकों का दावा है कि इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट के जितने नीचे धंसती जाएगी हिमालयी क्षेत्र में भूकंप के झटके तेज होते जाएंगे। यहां भूगर्भ में भर रही ऊर्जा नए भूकंप जोन भी सक्रिय कर सकती है और इसकी संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है। स्थिति को भांपकर वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान ने हिमालयी क्षेत्र में भूकंप की तरंगे मापने वाले 10 ब्रॉड बैंड सीइसमोग्राफ संयंत्र लगाए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
disastrous earthquake expected in uttarakhand
केदारनाथ आपदा - फोटो : amar ujala
इंडियन और यूरेशियन प्लेट में चल रही टकराहट से हिमालयी पट्टी (एचएफटी) में बड़े पैमाने पर ऊर्जा भर रही है। यह दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नीचे ऊर्जा का दबाव बढ़ने पर हजारों सालों से हिमालयी क्षेत्र में सुसुप्तावस्था में पड़ी भूकंप पट्टियां सक्रिय हो गई हैं। ये कभी ऊर्जा के बाहर निकलने का रास्ता बन सकती हैं जिसकी वजह से लोगों को और तेज झटके लगेंगे। 


 
विज्ञापन
disastrous earthquake expected in uttarakhand
भूकम्प - फोटो : self
इसके साथ ही बड़े भूकंप की शक्ल में ऊर्जा बाहर निकल सकती है। सेंस फ्रांसिस्को अमेरिका में हुई जियो फिजिकल यूनियन की कॉंफ्रेंस में कहा गया कि हिमालयी क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 9 की तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है। वर्ष 1950 में असम के बाद रिक्टर स्केल पर 8 से अधिक तीव्रता वाला कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। विज्ञानियों का मानना है कि चूंकि हिमालयी भूगर्भ में ऊर्जा भरने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे भूकंप के खतरे अप्रत्याशित रूप से और बढ़ सकते हैं। इससे नए संवेदनशील जोन बनेंगे।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed