मासूम हेलिना की मासूमियत ही उसकी जान की दुश्मन बन गई। वह पिता को देने के लिए जो चाकू लेकर गई थी, उससे ही उसका गला रेत दिया गया। इसके बाद वह पूरी रात फर्श पर पड़ी तड़पती रही। सुबह उसने बड़ी बहन से मदद की गुहार भी लगाई, लेकिन डरी-सहमी बड़ी बहन एंजल उसकी कोई मदद नहीं कर सकी।
रात को नशे में धुत होकर बेटी का गला काटने वाला विक्टर पूरे दिन सोया रहा। पत्नी माही ने उसे उठाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं उठा। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि वह नशे में पूरे दिन सोया रहा। इस दौरान उसने एक बार भी हेलिना के बारे में नहीं पूछा।
सात साल की मासूम बेटी का गला काटने के मामले में आरोपी पिता विक्टर की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड को लेकर कई हैरतअंगेज बातें सामने आईं हैं। शिवानी और उसके भाइयों से झगड़ा करने के बाद विक्टर जब घर लौटा तो वह मन ही मन शिवानी से बदला लेने की ठान चुका था। उसने शिवानी के तीनों बच्चों को मौत के घाट उतारने की साजिश रच ली थी। वह नशे में धुत्त होकर घर पहुंचा और खाने में नशीली दवा मिला दी। हालांकि दवा की मात्रा कम होने के कारण किसी पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
रात का खाना खाने के बाद सभी सोने की तैयारी करने लगे। आरोपी ने बताया कि वह हमेशा चाकू अपने पास रखकर सोता था। रात को बेटी हेलिना उसके पास चाकू लेकर आई। चाकू पकड़ते ही नफरत की आग में जल रहे विक्टर ने उसका गला काट दिया। मासूम हेलिना वहीं फर्श पर गिर पड़ी।
पत्नी माही और बड़ी बेटी एंजल एकाएक हुए इस घटनाक्रम से सकते में आ गए। विक्टर ने माही को विश्वास में लिया और बेटी एंजल को किसी से भी कुछ कहने पर जान से मारने की धमकी देकर सुला दिया। सुबह जब एंजल उठी तो हेलिना जिंदा थी। उसने कहा कि मुझे अस्पताल ले चलो, लेकिन डरी-सहमी एंजल उसकी कोई मदद नहीं कर सकी। कुछ देर बाद तड़प-तड़प कर हेलिना की मौत हो गई।