भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक केदारनाथ की यात्रा में इस बार आस्था का सैलाब अपने चरम पर है। कपाटोद्घाटन से लेकर पहले सप्ताह में यात्रा कई रिकाॅर्ड बना चुकी है। वहीं, पहली बार यात्रा में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर 24 घंटे आवाजाही हो रही है।
केदारनाथ में आस्था का सैलाब: बाबा के दर पर 24 घंटे राैनक, पहली बार रातभर जयकारों से गूंज रहा पैदल मार्ग
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मध्य रात्रि तक दुकानें खुली रहीं
गौरीकुंड से शाम छह बजे के बाद भी यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हो रहे हैं। लखनऊ से सहेली के साथ दर्शनों को पहुंची प्रिया ने बताया, 15 मई को केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन के बाद वह दोपहर 2.45 बजे गौरीकुंड के लिए रवाना हुईं और रात्रि 1.30 बजे गौरीकुंड़ पहुंचीं। इस दौरान लिनचोली, भीमबली और जंगलचट्टी में पुलिस के जवान तैनात मिले। कई जगहों पर मध्य रात्रि तक दुकानें खुली रहीं।
पूरी रात चल रही यात्रा
मध्य प्रदेश के प्रीतम अवस्थी, गाजियाबाद के अंकुर मौर्य ने बताया, वह आपदा के बाद तीसरी बार केदारनाथ पहुंचे हैं, लेकिन पहला मौका है, जब केदारनाथ की यात्रा पूरी रात चल रही है। बताया, 17 मई को शाम पांच बजे केदारनाथ से सोनप्रयाग के लिए निकले और रात्रि दो बजे गौरीकुंड पहुंचे। इधर, केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद आठ दिनों में दर्शनार्थियों का आंकड़ा 2.15 लाख से अधिक पहुंच गया है। इन दर्शनार्थियों में 1.54 लाख लोग पैदल मार्ग से धाम पहुंचे हैं, जबकि 1,851 श्रद्धालु डंडी-कंड़ी और 47,806 श्रद्धालु घोड़ा-खच्चर से केदारनाथ पहुंचे हैं।
10,070 श्रद्धालु कर चुके हेलीकाॅप्टर से यात्रा
बाबा केदार की यात्रा में आठ दिनों में 10,070 श्रद्धालु हेलीकाॅप्टर से धाम पहुंच चुके हैं, जबकि 9,500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौटे हैं। इस बार केदारनाथ यात्रा में आठ हेली कंपनियों के नौ हेलीकाॅप्टर केदारघाटी के अलग-अलग हैलिपैड से धाम के लिए उड़ान भर रहे हैं।
सभामंडप से कराए जा रहे दर्शन
केदारनाथ में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बाबा के भक्तों को सभामंडप से ही स्वयंभू लिंग के दर्शन कराए जा रहे हैं। यहां कपाट खुलने के बाद से प्रतिदिन औसतन 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे, जो यात्रा में नया रिकाॅर्ड है। बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया, सुबह चार बजे से धर्म दर्शन शुरू हो रहे हैं, जो अपराह्न तीन बजे तक चल रहे हैं। इसके बाद भगवान केदारनाथ को भोग लगाया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 40 मिनट मंदिर को बंद रखा जा रहा है। साफ-सफाई के बाद पुन: 3.45 बजे से शाम सात बजे तक धर्म दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके बाद सांयकालीन आरती के बाद श्रद्धालु बाबा के शृंगार दर्शन कर रहे हैं।