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Bipin Rawat: पौधों के रूप में हमेशा लोगों के बीच रहेंगे बिपिन रावत, उनकी पहल पर उत्तराखंड में लगे थे दस हजार पौधे 

Wed, 08 Dec 2021 09:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 08 Dec 2021 09:10 PM IST
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cds bipin rawat death news: Bipin Rawat will always be among the people in the form of plants, on his initiative ten thousand plants were planted in Uttarakhand
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

सीडीएस बिपिन रावत हमेशा पौधों के रूप में उत्तराखंड के लोगों के बीच रहेंगे। उनकी पहल पर सेना ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में दस हजार से ज्यादा फलों के पौधे लगाए थे। उनमें से ज्यादातर अगले कुछ वर्षों में फल देने लगेंगे। इसके अलावा सेना में लंबाई में पांच सेमी की छूट दिलाने के लिए भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रयास किए थे। इस छूट का लाभ उठाकर प्रदेश के कई युवाओं ने सेना में भर्ती होने का अपना सपना पूरा किया है। 



सीडीएस बिपिन रावत हमेशा प्रदेश के ग्रामीणों की कमजोर आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के प्रयासों में जुटे रहे। वो अक्सर कहते थे कि कश्मीर और उत्तराखंड की स्थिति काफी हद तक एक जैसी है। लेकिन कश्मीर के लोगों की आर्थिक स्थिति हमसे बहुत बेहतर है। क्योंकि वहां बड़ी संख्या में फलों के पेड़ लगे हुए हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है।

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इसके अलावा कई सूखे मेवे भी वहां उगते हैं। हर साल वहां के लोग लाखों रुपये के फल बेचते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी फलों के पौधे लगाए जाएं तो अगले कुछ वर्षों में यहां भी अच्छा-खासा उत्पादन होने लगेगा। इसकी पहल करते हुए उन्होंने सैनिकों की मदद से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दस हजार से ज्यादा फलों के पौधे लगाए थे। दुर्घटना के बाद वह हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन यह पेड़-पौधे हमेशा हमारे साथ रहेंगे और उनकी व उनके कार्यों की याद दिलाते रहेंगे। 

cds bipin rawat death news: Bipin Rawat will always be among the people in the form of plants, on his initiative ten thousand plants were planted in Uttarakhand
- फोटो : फाइल फोटो

थल सेना अध्यक्ष रहने के दौरान उन्होंने ही पर्वतीय क्षेत्र के अभ्यर्थियों को सेना भर्ती में पांच सेमी की छूट दिलाने का काम किया था। उस समय सेना भर्ती के लिए न्यूतनम लंबाई 162 सेमी थी।

cds bipin rawat death news: Bipin Rawat will always be among the people in the form of plants, on his initiative ten thousand plants were planted in Uttarakhand
- फोटो : फाइल फोटो

जबकि उत्तराखंड, विशेषकर गोरखा समुदाय की लंबाई कम होती थी। ऐसे में वो भर्ती की शुरूआत में ही बाहर हो जाते थे। तत्कालीन मसूरी विधायक और मौजूदा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस मुद्दे को लेकर कई बार उनसे मुलाकात की थी।

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- फोटो : फाइल फोटो

बाद में उन्होंने लंबाई में पांच सेमी की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनके द्वारा छूट देने के बाद बड़ी संख्या में वह युवा सेना में भर्ती होने में कामयाब हुए, जो पहले लंबाई कम होने के कारण बाहर हो जाते थे। 

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- फोटो : फाइल फोटो

उनका उत्तराखंड से गहरा लगाव रहा है। पुरकुल गांव क्षेत्र में बन रहे सैन्य धाम की सजावट के लिए उन्होंने सेना का टैंक देने की घोषणा की थी। इसके अलावा तमाम अत्याधुनिक हथियार व उपकरण भी उन्होंने सैन्य धाम को दिए। 

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