केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) देश का पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जिसके प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप में दुनिया में कहीं भी देखे जा सकेंगे। जानें, और क्या मिल सकेगा लाभ...
सीबीएसई ने ई-सनद पर अपने सभी मार्कशीट और सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दिए हैं। इसके बाद एकेडमिक रिकॉर्ड कहीं से भी देखे और पढ़े जा सकते हैं।
सीबीएसई ने यह सुविधा उन छात्रों के लिए विशेष तौर पर शुरू की है, जो 12वीं या 10वीं के बाद विदेश में पढ़ाई के लिए जाते हैं। उनके सभी प्रमाण-पत्रों के ऑनलाइन उपलब्ध होने के बाद उनका प्रमाणन आसान हो जाएगा।
दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने पर उनके प्रमाण-पत्रों का वेरिफिकेशन भी आसान हो जाएगा। बोर्ड के सभी प्रमाण-पत्र विदेश मंत्रालय के ई-सनद सॉफ्टवेयर में उपलब्ध रहेंगे।
सीबीएसई ने वर्ष 2014 से डिजिटल सर्टिफिकेट्स बनाने शुरू किए थे। तीन साल में बोर्ड 10वीं और 12वीं के 25 लाख छात्रों के मार्कशीट, प्रमाण-पत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट्स उपलब्ध करा चुका है। महज 100 रुपये भुगतान पर इनकी अटेस्टेड कॉपी ली जा सकती है। सीबीएसई के चेयरमैन आरके चतुर्वेदी के मुताबिक, इस प्रक्रिया के बाद देश-दुनिया की कंपनियों और शिक्षण संस्थानों के लिए छात्र का वेरिफिकेशन आसान हो गया है।