फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की फांसी का सच जानना है तो यहां आइए...

Fri, 30 Sep 2016 09:18 AM IST
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार
मेहताब आलम/ अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 30 Sep 2016 09:18 AM IST
विज्ञापन
Case Trial Copy of shaheed bhagat singh available in haridwar
bhagat singh

देश का कोई भी आम नागरिक अब शहीद ए आजम भगत सिंह की फांसी से जुड़े अनसुलझे पहलुओं को जान सकेगा। पाकिस्तान के लाहौर कोर्ट से हरिद्वार लाए गए केस ट्रायल की प्रति के उर्दू से हिंदी अनुवाद के बाद गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ने इसका डिजिटलाइजेशन किया है।

Case Trial Copy of shaheed bhagat singh available in haridwar
gurukul kangri

अब तक विश्वविद्यालय के संग्रहालय में रखे ट्रायल के 1667 पन्नों को एहतियातन दूर से ही देखने की इजाजत थी। डिजिटलाइजेशन होने से ट्रायल का हर पेज पढ़ा जा सकेगा। जंगे आजादी के समय सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस फांसी को लेकर देश के आवाम में अब भी आक्रोश देखा जाता है।
 

Case Trial Copy of shaheed bhagat singh available in haridwar
bhagat singh - फोटो : bhagat singh

बुधवार को पूरे राष्ट्र ने सरदार भगत सिंह को याद किया। इस दौरान भी उनकी फांसी से जुड़े सवाल उठते रहे। शहीद ए आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव सहित 18 लोगों पर पांच मई 1930 में लाहौर कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था। 11 सितंबर 1930 को आरोप तय होने के बाद 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Case Trial Copy of shaheed bhagat singh available in haridwar
कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो

लाहौर कोर्ट में चले इस ऐतिहासिक ट्रायल की प्रमाणित प्रतिलिपि वर्ष 2009 में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति प्रो. स्वतंत्र कुमार के प्रयास से हरिद्वार लाई गई। पाकिस्तान के सिंध प्रांत निवासी लक्ष्मण शर्मा ने ट्रायल का शब्द ब शब्द उर्दू से हिंदी में अनुवाद किया। 
 

विज्ञापन
Case Trial Copy of shaheed bhagat singh available in haridwar
भगत सिंह

तब से धरोहर के रूप में गुरुकुल के संग्रहालय में रखे ट्रायल के पेज दूर से जरूर देखे जाते रहे, मगर पेज खराब होने के डर से इन्हें छूने या पलटने की अनुमति नहीं थी।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed