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थाने में बेदर्दी: आपबीती लेकर पहुंची दुष्कर्म पीड़िता की मदद के बदले रखी गई घिनौनी शर्त, एसओ की शर्मनाक हरकत

Thu, 21 Jul 2022 04:03 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Jul 2022 04:03 PM IST
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Case on suspended SO for demanding bribe from victim in sexual harassment and forcing her to physical relation
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण साह के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने के लिए महिला थाने पहुंची, लेकिन यहां पीड़ित महिला की मदद करने के बजाय थाने में उसके सामने घिनौनी शर्त रखी गई।  डीजीपी से हुई शिकायत के बाद एसओ को निलंबित कर दिया गया। निलंबित एसओ के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, छेड़छाड़ की धारा 354 और पीड़ित को धमकाने की धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।



हल्द्वानी की एक महिला ने 26 अप्रैल 2022 को मुखानी थाने में तरुण साह के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला के मुताबिक जब वह आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में बातचीत करने के लिए मुखानी एसओ दीपक बिष्ट के पास पहुंची तो उन्होंने उनसे पांच लाख रुपये की मांग करते हुए शारीरिक संबंध स्थापित करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

उच्चाधिकारियों से शिकायत करने का प्रयास किया लेकिन कहीं सुनवाई नहीं होती देख वह डीजीपी कार्यालय पहुंची। डीजीपी के आदेश पर मामले की जांच हुई। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि प्राथमिक जांच सीओ ट्रैफिक विभा दीक्षित को दी गई। उसके बाद एसपी क्राइम व ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र को जांच सौंपी गई।

Case on suspended SO for demanding bribe from victim in sexual harassment and forcing her to physical relation
उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

एसपी क्राइम की कांवड़ यात्रा में ड्यूटी लगने पर जांच एसपी सिटी हरबंस सिंह को सौंप दी गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसओ को निलंबित कर दिया गया। उधर कोर्ट में सुनवाई के दौरान महिला ने निलंबित एसओ पर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। उच्च न्यायालय ने जब मामले का संज्ञान लेते हुए फटकार लगाई तब नैनीताल पुलिस भी हरकत में आई और मंगलवार की रात निलंबित एसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

Case on suspended SO for demanding bribe from victim in sexual harassment and forcing her to physical relation
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

एसएसपी नैनीताल पंकज भट्ट ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज करके जांच सीओ रामनगर बलजीत सिंह भाकुनी को सौंप दी गई है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दुष्कर्म के आरोपी एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 22 जुलाई की तिथि नियत की है।

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Case on suspended SO for demanding bribe from victim in sexual harassment and forcing her to physical relation
- फोटो : Social Media

आरोपी एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण साह के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल पर महिला ने झूठे आरोप लगाए हैं। चार साल बीतने के बाद दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है जो गलत है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

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Case on suspended SO for demanding bribe from victim in sexual harassment and forcing her to physical relation
मुकदमा दर्ज - फोटो : सोशल मीडिया

मामले के अनुसार वर्ष 2013-2014 में एनएसयूआई  नैनीताल के जिलाध्यक्ष रह चुके तरुण साह के खिलाफ एक महिला ने मुखानी थाना पुलिस को तहरीर दी थी कि तरुण साह ने वर्ष 2018 में उसके साथ अवैध संबंध बनाए। उसके पति की बीमारी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। 

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