टेलीविजन के सबसे चर्चित शो बिग बॉस के 12वें सीजन में इस बार सबसे चर्चित रहे भजन सम्राट अनूप जलोटा के बारे में कुछ और बातें सामने आईं हैं। वे यहां अपनी शिष्या के साथ शो में भाग ले रहे हैं। क्या जानना नहीं चाहेंगे उनके बारे में खास बातें...
दरअसल, भजन गायक अनूप जलोटा का उत्तराखंड कनेक्शन सामने आया है। उनके पिता पुरुषोत्तम दास जलोटा 1950 के दशक में अक्सर गर्मियों में नैनीताल आया करते थे। वे यहां मल्लीताल में चारटन लॉज की एनेक्सी में रहने वाली संगीत अध्यापिका सान्याल के आवास पर ठहरते थे।
इतिहासकार प्रो. अजय रावत बताते हैं कि तब उनके आवास पर संगीत प्रेमी जुटते थे और गीत संगीत की महफिलें भी जमती थीं। पुरुषोत्तम दास बेहतरीन भजन गायक थे और लोग उनके मुरीद थे। सान्याल मूलतः बंगाल की थीं और यहां जीजीआईसी में संगीत की अध्यापिका थीं। बाद में उनका विवाह ऑल इंडिया रेडियो में कार्यरत मार्तण्ड के साथ हो गया था। पुरुषोत्तम दास जब नैनीताल में थे तब केएम मुंशी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल थे और उन दिनों नैनीताल राजभवन में ही रह रहे थे।
मुंशी के आमंत्रण पर जलोटा ने राजभवन में चदरिया झीनी झीनी रे भजन सुनाया था। बाद में कैपिटोल के प्रेक्षागृह में भी उन्होंने इसकी प्रस्तुति दी। सान्याल के यहां से जाने के बाद पुरुषोत्तम दास के यहां आने का सिलसिला भी थम गया। रावत के मुताबिक सान्याल एक उच्च वर्गीय परिवार से थीं उनके पिता के नाम पर लखनऊ में अमीनाबाद में सान्याल मार्ग भी है। जानकारी के अनुसार, अनूप जलोटा का जन्म भी नैनीताल में ही हुआ था। वे स्वयं 1995 में जून में फ्लैट्स में आयोजित एक कार्यक्रम में भी नैनीताल आये थे और उन्होंने यहां देर रात तक भजन सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
गुरु-शिष्य की ये जोड़ी करीब 3 साल से रिलेशन में है। ऐसा हम नहीं कर रहे बल्कि इस बात का खुलासा दोनों ने खुद बिग बॉस में आने पर ही किया। जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ सोशल मीडिया पर अनूप जलोटा को लेकर तरह तरह की बातें बनने लगी।