वामन द्वादशी पर्व पर भगवान बदरीनाथ अपने हजारों भक्तों के साथ अपनी माता मूर्ति से मिलने के लिए छह घंटे के लिए अपना घर छोड़ दिया। इस दौरान बदरीनाथ धाम के कपाट भी छह घंटे तक बंद रहे।
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badrinath meet with mother
- फोटो : AmarUjala
माता से से मिलने के बाद पुन: बदरीनाथ धाम में विराजमान हो गए। माता मूर्ति मंदिर में दिनभर जय बदरीनाथ के जयकारे गूंजते रहे। वहीं माणा गांव के बारे में मान्यता है कि यहां जो भी एक बार आता है उसकी गरीबी दूर हो जाती है।
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badrinath meet with mother
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शाम को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद माणा गांव में माता मूर्ति मेला भी संपन्न हो गया। भगवान उद्धव, घंटाकरण (क्षेत्रपाल) और माता मूर्ति के अद्भुत मिलन को देखने के लिए तीर्थयात्रियों के साथ ही धाम में स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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badrinath rawal
- फोटो : AmarUjala
मंगलवार को बदरीनाथ धाम में बाल भोग लगने के बाद सुबह दस बजे बदरीश पंचायत से भगवान बदरीनाथ के प्रतिनिधि के रुप में उद्धव की उत्सव डोली ने हजारों भक्तों के साथ माणा गांव स्थित माता मूर्ति मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
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badrinath meet mother murti
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इस दौरान बदरीनाथ से रावल ईश्वरन नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, मंदिर समिति के अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, अजय सती, राजेंद्र चौहान, एमपी सती, दरवान भंडारी, राजेश मेहता, पीतांबर मोल्फा, माता मूर्ति के पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी ने उद्धव जी के साथ माणा गांव स्थित माता मूर्ति मंदिर के लिए प्रस्थान किया।