चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बदरीनाथ राजमार्ग पर गूलर के समीप 22 नवंबर शाम को टूटा निर्माणाधीन पुल का लोनिवि के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पुल के टूटने के कारणों की जानकारी जुटाई। आशंका जताई जा रही है कि पुल की शटरिंग कमजोर होने और बेस मजबूत न होने के कारण यह हादसा हुआ।
ऋषिकेश से बदरीनाथ राजमार्ग पर करीब 25 किमी दूर गूलर में राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोक निर्माण विभाग श्रीनगर की ओर से करीब 90 मीटर पुल तैयार किया जा रहा था। गाजियाबाद की निर्माण कंपनी राजश्यामा ने यहां करीब 45 मीटर पुल पर पहले लेंटर डाल दिया था। रविवार को शेष 45 मीटर पुल पर लेंटर डालने का काम शुरू हो रहा था।
सुबह से श्रमिक पुल के लेंटर डालने में जुटे रहे। शाम तक करीब 10 मीटर का हिस्सा लेंटर डालने के लिए रह गया था, इस बीच निर्माणाधीन पुल हिलने लगा। पुल के ऊपर काम कर रहे श्रमिक कुछ समझ पाते, इससे पहले वह पुल के लेंटर के साथ करीब 40 फीट नीचे गिर गए। हादसे में 14 श्रमिक घायल हो गए। एक श्रमिक की मौत हो गई।
पुल के टूटने का कारण निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने शटरिंग कमजोर होना बताया है। वहीं निर्माणाधीन पुल के टूटने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोक निर्माण विभाग श्रीनगर के सहायक अभियंता मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि सोमवार को लोनिवि के चीफ हरिओम शर्मा, एसई ओमप्रकाश, एक्शन दिनेश बिजल्वाण ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि संभवत: पुल की शटरिंग कमजोर पड़ गई थी। जिसके कारण यह हादसा घटित हुआ है। इसके लिए निर्माणाधीन कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की प्रक्रिया चल रही है। आगे तो उच्चाधिकारी ही कारण स्पष्ट कर सकेंगे।