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नए साल 2019 में केवल 25 दिन ही बजेगा बैंड बाजा और शहनाई, पढ़ें विवाह की शुभ तारीखें

Sat, 17 Nov 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 17 Nov 2018 09:45 AM IST
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Auspicious Dates for Marriage in New Year 2019
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इस महीने 19 नवंबर को देव जागरण हो जाएगा। देवोत्थान एकादशी के दिन बिन सुझाहे (बिना मुहूर्त वाले) विवाहों की भरमार रहेगी, लेकिन इसके बाद पांच अप्रैल तक शहनाइयों की आवाज बहुत कम सुनने को मिलेगी। क्योंकि पांच अप्रैल तक कुल 25 मुहूर्त ही शेष है। गुरु के अस्त होने के कारण दस दिसंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं हैं।

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lord vishnu

भारतीय विवाह पद्धति के अनुसार विष्णु जागरण, शुक्र जागरण और गुरु जागरण पर विवाह तय किए जाते हैं। विवाहों का सीजन विष्णु के जागृत हो जाने के बाद शुरू हो जाता है। भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के निदेशक डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी बताते हैं कि देवोत्थान एकादशी को बिन सुझाहे (बिना मुहूर्त वाले) विवाह हो जाते हैं। इस बार गुरु के पश्चिम में अस्त होने के कारण 19 नवंबर देव जागरण के दिन के अलावा दस दिसंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं हैं। 

Auspicious Dates for Marriage in New Year 2019
astrology - फोटो : astrology

गुरु उदय सात दिसंबर को पूर्व दिशा में हो जाएगा। सात दिसंबर से दस दिसंबर तक गुरु उदय में बाल्यत्व दोष बना रहेगा। परिणाम स्वरूप 19 नवंबर को बिन सुझाहे विवाहों के बाद फिर दस दिसबंर तक कोई भी मुहूर्त नहीं है। मिश्रपुरी ने बताया कि इस संवत्सर का समापन पांच अप्रैल को होगा। 

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शादी

तब तक मार्गशीर्ष मास में कुल दो मुहूर्त, माघ मास में 15 मुहूर्त तथा फाल्गुन मास में 11 मुहूर्त शेष बचे हैं। इस प्रकार पांच अप्रैल तक कुल मिलाकर 25 दिन ही शहनाइयां बजेंगी। 12 और 13 दिसंबर को बहुत बड़ा विवाह मुहूर्त है। इस प्रकार नौ फरवरी बसंत पंचमी के दिन बिन सुझाहे बड़ा मुहूर्त पड़ रहा है।  

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astrology - फोटो : astrology

डॉ. मिश्रपुरी ने बताया कि विवाह के लिए शुक्र और गुरु का उदय होना बहुत जरूरी है। यह उदय भी तब मान्य है जब विष्णु जागरण हो चुका हो। गृहस्थ का आधार भगवान विष्णु और लक्ष्मी हैं। दामाद को विष्णु स्वरूप तथा पुत्री को लक्ष्मी स्वरूप मानकर विवाह किया जाता है। शुक्र उपस्थित न हो तो दाम्पत्य प्रेम नहीं उपज सकता। गुरु के अस्त रहने पर क्रूर गृह प्रबल हो जाते हैं। 

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