बुधवार को बरेली में हुए सड़क हादसे में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के बेटे अंकुर पांडे के निधन से जहां पांडेय परिवार अपना होनहार बेटा खो दिया, वहीं प्रदेश ने प्रतिभावान खिलाड़ी और कलाकार को खो दिया। अंकुर पांडे अपने पिता अरविंद पांडेय की विरासत के साथ-साथ खुद को खेल और अभिनय के क्षेत्र में भी समर्पित किए हुए थे।
अंकुर को निशानेबाजी का शौक था, उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में मेडल आदि भी जीते थे। अंकुर ने जहां पिछले वर्ष देहरादून में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 10 मीटर की निशानेबाजी में कांस्य पदक जीता था वहीं पिछले वर्ष ही रिलीज हुई फालूदा फिल्म में भी वह मेहमान कलाकार की भूमिका अदा कर चुके थे। भविष्य में भी अंकुर रुपहले पर्दे पर अपनी किस्मत आजमाना चाहता था।
अंकुर परिवार में सबसे छोटा होने के नाते सबका लाडला था। अरविंद पांडे के बड़े पुत्र अतुल पांडे ने पिता के नक्शे कदम पर चलकर राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ बना ली थी। वहीं अंकुर पांडे ने युवाओं के दिलों में घर कर रखा था। वर्ष 2011 में मां मितेश पांडे के निधन के बाद से पिता अरविंद पांडे ने ही दोनों बच्चों की परवरिश कर कभी उन्हें मां के ना होने का एहसास तक नहीं होने दिया।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के छोटे पुत्र अंकुर पांडेय की मार्ग दुर्घटना में हुई मौत पर शोक जताने प्रदेश के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत हेलीकाप्टर से एएनके इंटर कॉलेज में 11:32 बजे आने के बाद उनके आवास पर पहुंचे। 12:10 बजे श्मशान घाट में उन्होंने अंकुर को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 12:20 बजे सीएम वापस चले गए। इस दौरान उनके साथ पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य भी पहुंचे थे।
इस दौरान अरविंद पांडेय के आवास पर पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़, डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष बेहड़, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, सुरेश परिहार, रविंद्र बजाज, भारत भूषण चुघ, राजेश बजाज, मोहन पानू, तरुण दूबे, उत्तम दत्ता, काबल सिंह, राजेश गुंबर मिन्नी आदि रहे।