मुल्तान के सुल्तान वीरेंद्र सहवाग ने अमर उजाला के मंच पर क्रिकेट फील्ड पर बिताए कई रोचक किस्सों का खुलासा कर सबको अचंभे में डाल दिया। बेहद चुटीले अंदाज में उन्होंने किस्सागोई की तो सभागार में तालियों के साथ ठहाके गूंज उठे।
Amar Ujala Samvad 2023: सहवाग ने साझा की पाकिस्तानी खिलाड़ियों संग बिताई पुरानी यादें, किए कई खुलासे
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...मुझे डबल सेंचुरी करने की जल्दी थी
वीरू ने एक और दिलचस्प किस्सा साझा किया। बोले, वह बंगलूरू टेस्ट मैच में 150- 160 रन पर बैटिंग कर रहे थे। पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम उल हक लगातार राउंड द विकेट डाल रहे थे। मेडन ओवर जा रहे थे। मुझे डबल सेंचुरी करने की जल्दी थी। मैंने ईजी भाई से कहा, एक बार लांग ऑन के फील्डर को आगे बुला लो उन्होंने पूछा क्यों? मैंने कहा, मुझे छक्का मारना है। वह बोले, वहीं मार लो मैंने कहा, अगर वह आगे होगा तो पीछे बॉल गिरने पर आउट होने के बजाए चौका तो लग जाएगा। उन्होंने प्लेयर को आगे बुला लिया। अगली बॉल पर मैंने छक्का मार दिया। कनेरिया इस पर काफी नाराज हुए।
इन्हें मानते हैं शानदार बल्लेबाज
उन्होंने ईजी भाई को बोला, बाउंड्री के खिलाड़ी को आगे लाने की क्या जरूरत थी? इस पर इंजी भाई ने कहा, तू चुपचाप बॉलिंग कर इंजी भाई बहुत मृदुभाषी कप्तान थे। मैं उन्हें और अरविंद डिसिल्वा को मिडिल ऑर्डर में सबसे शानदार बल्लेबाज मानता हूं इस सत्र का संचालन वरिष्ठ पत्रकार सुमित अवस्थी ने किया।
...बस अगले मैच में मुझे आउट मत देना
सहवाग की यादों से लगातार किस्से बाहर आ रहे थे। उन्होंने बताया, साउथ अफ्रीकन एक अंपायर को सचिन और मेरे पैड बहुत पसंद थे। उन्होंने पूछा, ये कहां से खरीदते हैं? मैंने पूछा किसके लिए चाहिए तो वह बोले, बेटे के लिए। मैंने मैच के बाद उन्हें अपने पैड उतारकर गिफ्ट कर दिए। उन्होंने थैंक्यू बोला तो मैंने कहा कि बस अगले मैच में मुझे आउट न देना। उन्होंने दो-तीन मैचों में मुझे आउट नहीं दिया। वीरू ने एक इंग्लैंड के अंपायर का भी जिक्र किया। बताया कि वह अंपायरिंग करने इंडिया आए। मैंने उनसे पूछा कि क्या वह इंडिया में इंजॉय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हां ठीक है लेकिन मुझे आइसक्रीम नहीं मिल पा रही है। मैं ब्रेक के दौरान अंदर गया। कैटरर को बुलाकर तत्काल अंपायर रूम में दो-तीन फ्लेवर की आइसक्रीम उपलब्ध कराने को कहा। बाद में उनसे पूछा कि आइसक्रीम कैसी थी तो वह बोले-बहुत मजा आया। पूछा कि क्या लोगे तो मैंने कहा कि बस एक बार आउट मत देना। वीरू ने कहा कि यह उनके कॅरियर की ऐसी चुटीली यादें हैं, जो जब भी याद आती हैं तो चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
किशोर दा के गीत सुनते थे पाकिस्तानी
वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि उन्हें खेल के दौरान गीत गुनगुनाने का शौक है। लिहाजा, जब भारत-पाकिस्तान का तनावपूर्ण मैच होता था तो वह बैटिंग के दौरान लगातार किशोर दा के गीत गुनगुनाते रहते थे। कई बार तो उनके गीत सुनकर पीछे कीपिंग कर रहा पाकिस्तानी खिलाड़ी या फिर आसपास फील्डिंग कर रहा खिलाड़ी भी फरमाइश कर देता था। तब वह उन्हें भी किशोर दा के गीत सुनाते थे। उन्होंने राजेश खन्ना की फिल्म मेरे जीवन साथी का किशोर दा का गीत... चला जाता हूं, किसी की धुन में, धड़कते दिल के, तराने लिये भी सुनाया।