नोटबंदी के बाद पैदा हुए कैश संकट के हालातों और कैशलेस सिस्टम बढ़ाने के इरादों के बीच बैंकों के नियम लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर रहे हैं।
नोटबंदी के बाद अब बैंकों के इस नियम ने खड़ी की नई मुसीबत
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बैंकों की सीबीएस ब्रांच होने के बावजूद लोग बियरर चेक से भुगतान को भटक रहे हैं। इससे खासतौर से उन लोगों को परेशानी हो रही है, जिनके खाते दूसरे शहरों में हैं।
देहरादून केशव विहार निवासी अरुण कुमार का एसबीआई में खाता है। उन्होंने दूध वाले को चार हजार रुपये कैश देने के बजाए बियरर चेक दे दिया। जब दूध वाला उसे लेकर बैंक की दूसरी शाखा में गया तो उन्हें पेमेंट करने से इंकार कर दिया गया। जब वह अरुण कुमार की खाते वाली ब्रांच में गया तो बेहद मुश्किल से पेमेंट मिल पाया।
देहरादून के निरंजनपुर निवासी मुकेश की पत्नी ने पीएनबी की ब्रांच से पैसा निकालने के लिए अपने पति के नाम से चेक काटकर दिया। जब वह पीएनबी की किसी दूसरी ब्रांच में गए तो कहा गया कि थर्ड पार्टी को पेमेंट नहीं हो सकता है। आप पत्नी को साथ लेकर आएं। या फिर जिस ब्रांच में खाता है, वहां जाकर ट्राई कर लें।
पीएनबी, एसबीआई सहित कई बैंकों के बियरर चेक से भुगतान में बंदिशें लगाई हुई हैं। इसके तहत उन्हें भुगतान कुछ विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकत है। पीएनबी के मंडल प्रमुख अनिल खोसला ने बताया कि बियरर चेक में काफी फर्जीवाड़े सामने आने के बाद पीएनबी ने इन पर बंदिश लगाई। इसके तहत बैंक की जिस शाखा में खाता है, केवल वहीं विशेष परिस्थितियों में भुगतान लिया जा सकता है।