नोटबंदी के बाद अब आधार कार्ड के द्वारा भी मनी विड्रॉल करने की बात सामने आ रही है। वहीं अब हर काम में आधार कार्ड को जरूरी माना गया है। इसलिए आधारकार्ड से जुड़ी ये बात जानना बेहद जरूरी है। अगर आपने आधार के लिए आवेदन किया और अभी तक नंबर या कार्ड नहीं मिला है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
नोटबंदी के दौर में आधार कार्ड से जुड़ी ये बातें जानना है हर भारतीय के लिए जरूरी
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एडवांस सर्च के जरिए ऐसे लोगों को उनका आधार नंबर दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को सिर्फ अपने नजदीकी स्थायी आधार केंद्र तक जाना होगा, जहां नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर से उनका आधार खोजा जाएगा। अगर आधार जनरेट हो गया होगा तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड आ जाएगा, जिसको डालकर आधार नंबर निकाला जा सकता है। वर्तमान में कई सेवाओं और सब्सिडी के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रदेश में अब तक लगभग 96 लाख आधार जनरेट हो चुके हैं, जिसमें से 90 लाख आधार डिस्पेच किए जा चुके हैं। लेकिन कई लोगों के सामने इस तरह की समस्या आ रही है कि आधार बनवाने के बाद भी उनका कार्ड नहीं आया, उनको यह पता नहीं है कि उनका आधार नंबर क्या है? ऐसे लोग जन सेवा केंद्रों (सीएससी) के चक्कर काटते रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए व्यवस्था की गई है कि एडवांस सर्च के जरिए उनको आधार नंबर दिया जाए। आधार जनरेट नहीं होने की स्थिति में दोबारा से इसके लिए आवेदन करना होगा। अगर आधार के लिए आवेदन के समय मिली रसीद खो गई है तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आधार आवेदन के लिए दिए गए मोबाइल नंबर से भी यह पता लगाया जा सकता है कि नंबर जनरेट हुआ है या नहीं है। अगर नंबर जनरेट हुआ है तो मोबाइल फोन पर वन टाइम पासवर्ड आता है, जिसके मार्फत आधार निकाला जा सकता है। अगर मोबाइल नंबर बदल गया तो वन टाइम पासवर्ड आधार के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर ही आएगा।
ऐसे में फिंगर प्रिंट से आधार को सर्च किया जा सकेगा। इसके लिए आधार केंद्र पर फिंगर प्रिंट स्कैन करने की जो मशीन होती है, उस पर संबंधित व्यक्ति के अंगुठे निशान से यह पता लगाया जा सकता है कि आधार जनरेट हुआ है या नहीं। मशीन पर अंगूठा रखते ही यह पता चल जाता है कि संबंधित व्यक्ति का आधार जनरेट हुआ है नहीं।