हिमालय पुत्र की उपाधि से सम्मानित उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हेमवती नंदन बहुगुणा के राजनीतिक करियर पर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने ग्रहण लगाया था। इसके बाद ही हेमवती नंदन बहुगुणा ने राजनीति ही छोड़ दी।
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हेमवती नंदन बहुगुणा (फाइल फोटो)
हेमवती नंदन बहुगुणा ने भी अपने राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस से की थी। वे 1952 से लगातार उत्तरप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे। वह 1974 में उत्तरप्रदेश से कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी रहे।
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हेमवती नंदन बहुगुणा (फाइल फोटो)
1977 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस से बगावत की और कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी पार्टी बनाई। 1977 के लोकसभा चुनाव में इनकी पार्टी को 28 सीटें मिली। जिसके बाद इस पार्टी ने जनता दल में अपना विलय कर लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
हेमवती नंदन बहुगुणा को देश का वित्त मंत्री बनाया गया। 1980 में जनता पार्टी में बिखराव होने के बाद में चुनाव से ठीक पहले बहुगुणा कांग्रेस में फिर शामिल हो गए। इस चुनाव में बहुगुणा गढ़वाल से जीते, लेकिन उनको कैबिनेट में जगह नहीं मिली। उन्होंने कांग्रेस और लोकसभा की सदस्यता दोनों छोड़ दी। फिर 1982 के उपचुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की।
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अमिताभ बच्चन
- फोटो : फाइल फोटो
लेकिन 1984 के चुनाव में राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को बहुगुणा के खिलाफ खड़ा कर दिया। इन चुनावों में बच्चन ने बहुगुणा को 1 लाख 87 हजार के रिकॉर्ड वोट से हराया। जिसके बाद बहुगुणा ने राजनीति से ही सन्यास ले लिया।