उम्र के इस पड़ाव में भी इन बुजुर्गों का जुनून कम नहीं हुआ। वोट देने पहुंचे तो युवा भी शर्मा गए।
मतदान के लिए बुजुर्ग भी कई किमी पैदल चलकर पोलिंग बूथों तक पहुंचे। नारायणबगड़ ब्लाक के रैंस गांव के 102 वर्षीय प्रेम सिंह ने रैंस मतदान केंद्र में वोट डाला। प्रेम सिंह को उनके परिजन पीठ पर उठाकर करीब 500 मीटर दूर मतदान केंद्र तक लाए।
थराली के सूना गांव की 96 वर्षीय लखमा देवी 2 किमी की पैदल दूरी तक सूना मतदान केंद्र पहुंचीं और मतदान किया। वहीं बूड़ा गांव की 80 वर्षीय खीमा देवी, मींग गांव के 90 वर्षीय लाल सिंह ने भी डेढ़ से दो किमी पैदल चलकर मतदान में भागीदारी की।
नारायणबगड़ के गडसिर में 93 वर्षीय माली देवी ने मतदान किया, जबकि झिंझौंणी गांव की 90 वर्षीय सुमति देवी, 85 वर्षीय कुदली देवी, 80 वर्षीय धिवेली देवी और 85 वर्षीय गोमती देवी ने मताधिकार का प्रयोग किया। भगोती में 80 वर्षीय अव्वल सिंह नेगी ने कहा कि अब तक 40 से अधिक बार मतदान कर चुके हैं।
मतदान के लिए सुबह के समय मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। गांवों में लोग सुबह खेती बाड़ी में लगे रहे। खास तौर से महिलाएं दोपहर तक खेतों में निराई गुड़ाई में लगी रहीं और दोपहर बाद उन्होंने वोट डाले। यहां महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया।